Bihar- नए CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार, जानिए किस नाम पर लग सकती है मुहर?समझिए वजह 

Spread the love

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। इस बीच बिहार की सियासत में अभी बस दो ही बातों की चर्चा है। पहला यह कि राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अगला कदम क्या होगा और दूसरा यह कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा ? इस बीच भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक भी है, जिसमें भाजपा के बड़े चेहरों के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाना है।

 

गुरूवार को दिल्ली में हुआ था दिगज्जों का जुटान 
गुरूवार को भाजपा के सभी बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया गया था। चर्चा यह थी कि बिहार के मुख्यमंत्री बनने को लेकर बैठक की जाएगी। लेकिन शुक्रवार को सभी नेता वापस पटना लौट आए। सवाल पूछने पर मीडिया को बताया गया कि सभी लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसके अलावे   बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय के साथ-साथ  संगठन स्तर पर भीखू भाई दलसानिया और नागेंद्र जैसे पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था।

 

किस नाम पर लग सकती है मुहर?
हालांकि मुख्यमंत्री फेस को लेकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम अब तक रेस में सबसे आगे चल रहा है। इसके बाद रेस में विजय सिन्हा भी सम्राट के पीछे-पीछे चल रहे हैं। हालांकि सम्राट चौधरी के नाम पर कहीं-कहीं विरोध की भी चर्चाएं हैं। जैसे गुरूवार को पोस्टर फाड़ने वाली घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच गुरूवार को ही एक और नाम की चर्चा तेज हो गई। नाम है – जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह। चर्चा इस लिए तेज हुई कि उन्हें भी दिल्ली बुलाया गया था। चर्चा यह है कि श्रेयसी सिंह के नाम पर कसी का विरोध नहीं हो पाएगा, तो मुमकिन है कि सीएम फेस के रेस में वह अचानक सबसे आगे हो जाए। क्यों भाजपा हमेशा चौंकाने वाले फैसला लेती है। हालांकि उनके संबंध में बाद में यह बताया गया कि उन्हें सीएम फेस के लिए नहीं बल्कि उन्हें दूसरी जिम्मेदारी देने के लिए बुलाया गया था। उन्हें नारी वंदन अधिनियम की संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

और पढ़े  Bihar- पटना में रुक-रुक कर हो रही बारिश, कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी, जानिए मौसम का हाल

मुख्यमंत्री के रेस में 6 प्रमुख चेहरे
मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के लिए 6 नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। भाजपा इस बार किसी ऐसे चेहरे को सामने लाना चाहती है जो जातिगत समीकरणों को साधने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं में भी लोकप्रिय हो। जानिए कौन से 6 नाम हैं रेस में? वजह भी जानिए।

 

  •  प्रदेश की राजनीति में बड़ा पिछड़ा चेहरा होने के कारण वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी।
  • सदन का लंबा अनुभव और सवर्ण वोट बैंक पर पकड़ के कारण उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा।
  • केंद्रीय राजनीति का अनुभव और संगठन में मजबूत पैठ होने के कारण केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय।
  • युवा चेहरा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और साफ-सुथरी छवि होने के कारण जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह।
  • वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का अनुभव होने के कारण संजय जायसवाल।
  • अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले, चार बार के विधायक रहे, संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले लो प्रोफाइल के होकर भी जमीन से जुड़े दीघा के विधायक संजीव चौरसिया।

इस वजह से श्रेयसी सिंह रेस से हो सकती हैं बाहर 
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन बागी कहते हैं कि श्रेयसी सिंह को शासकीय अनुभव नहीं है। उनको मंत्री बनाकर रखा जा सकता है, लेकिन मुख्यमंत्री का पद फिट नहीं बैठता  है। इसकी वजह यह है कि बिहार में जो स्थिति है उसके लिए  कोई नया आदमी बिहार के शासन का संचालन बहुत ही प्रभावी ढंग से नहीं कर सकता है। बिहार की जटिलता को जो समझेगा, जो बिहार की राजनीतिक स्वभाव को समझेगा और जातीय संरचना को जो ठीक से समझेगा, वही बिहार पर सही ढंग से शासन कर सकता है। वैसे खींचतान कर के  सरकार चला लेना अलग बात है।

और पढ़े  कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें दतिया उपचुनाव में उतारकर भाजपा ने बदला समीकरण

क्या चाहती है भाजपा? 
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन बागी कहते हैं कि चूंकि भाजपा को बिहार में पहली बार मौका मिला है अपने दल से मुख्यमंत्री बनाने का, इसलिए भाजपा यह चाहेगी कि वह अपनी छाप छोड़े। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही कई वजहों से सुशासन बाबू कहे जाते हों, लेकिन कई वजहों से उनकी काफी बदनामी भी हुई। इसलिए भाजपा यह कभी नहीं चाहेगी कि उसकी उन वजहों से बदनामी हो। इसलिए भाजपा ऊपर से नीचे तक सब कुछ नया करने की कोशिश करेगी, ताकि नीतीश कुमार के साए से भाजपा बाहर निकल सके और भाजपा की एक अलग इमेज बन सके।

किस बात की है सबसे ज्यादा उम्मीद? 
इस मामले में संजीव चौरसिया ज्यादा उपयुक्त हैं। वह अति पिछड़ा भी हैं। चार बार के विधायक हैं, संघ की पृष्ठभूमि से आते भी हैं। उनका काफी लो प्रोफाइल हैं और उनका सबसे मिलना जुलना भी सुलभ है। इसलिए संजीव चौरसिया सीएम फेस के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन बागी कहते हैं कि वैसे तो मुख्यमंत्री फेस के लिए तो बहुत सारे नाम हैं, लेकिन भाजपा की एक और सच्चाई है। वह प्रचलित और चर्चित नाम को सीएम फेस नहीं देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी झोली से कोई नया चमकाने वाला नाम निकालते हैं जिस पर किसी का ध्यान ही नहीं रहता है। अगर महाराष्ट्र का उदाहरण छोड़ दें तो बाकी सभी जगहों पर  जहां-जहां भाजपा को मौका मिला है वहां-वहां उन्होंने नए लोगों को मुख्यमंत्री बनाया है। इसके बारे में लोगों ने दूर-दूर तक ऐसा सोचा भी नहीं था। चाहे छत्तीसगढ़ हो मध्य प्रदेश हो चाहे राजस्थान हो, सभी जगह सबसे पीछे बैठने वाले भाजपा नेताओं या कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री बना दिया।

और पढ़े  कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें दतिया उपचुनाव में उतारकर भाजपा ने बदला समीकरण

 

 

सस्पेंस बरकरार है 
हालांकि सूत्र बताते हैं कि अगर इस रेस में सम्राट, श्रेयसी या संजीव चौरसिया सीएम के रेस में पिछड़ते हैं तो बिहार के अगले मुख्यमंत्री दिल्ली से भेजे जा सकते हैं। वैसे यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिसके सिर पर हाथ रख देंगे, वही बन जाएगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री। फिलहाल चर्चाओं में सस्पेंस बरकरार है और लोगों को भाजपा के सरप्राइज कार्ड दिखाने का इंतजार है।


Spread the love
  • Related Posts

    कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें दतिया उपचुनाव में उतारकर भाजपा ने बदला समीकरण

    Spread the love

    Spread the loveदतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को अपने पत्ते खोल दिए। पार्टी ने हाईप्रोफाइल मानी जाने वाली इस सीट से पूर्व हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष…


    Spread the love

    Bihar- पटना में रुक-रुक कर हो रही बारिश, कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी, जानिए मौसम का हाल

    Spread the love

    Spread the loveबिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पटना समेत कई जिलों में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। आसमान में बादल छाए…


    Spread the love