देश की रक्षा करने और सेना की वर्दी पहनने का सपना बहुत से युवाओं का होता है। भारतीय सेना में इन्फैंट्री यानी पैदल सेना की भूमिका बेहद अहम है। इस टुकड़ी के जवानों को अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने, कठिन इलाकों में आगे बढ़ने और दुश्मन के सामने डटकर खड़े रहने की ट्रेनिंग दी जाती है। शौर्य दिवस के मौके पर आइए जानते हैं कि सेना की इन्फैंट्री में कैसे पहुंच सकते हैं, इसके लिए कितनी पढ़ाई जरूरी है और चयन से लेकर ट्रेनिंग तक का सफर कैसा होता है।
अग्निवीर बनकर कैसे जा सकते हैं?
भारतीय सेना में सैनिक स्तर पर भर्ती के लिए अग्निवीर योजना के तहत आवेदन किया जा सकता है। पद के हिसाब से उम्मीदवार को मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं या बारहवीं पास होना जरूरी होता है। आम तौर पर उम्र की सीमा साढ़े सत्रह से 21 साल बताई जाती है, लेकिन सही उम्र और पढ़ाई की शर्त संबंधित भर्ती के विज्ञापन से देखनी चाहिए। शारीरिक मानक भी पद और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक सूचना पढ़ना जरूरी है, ताकि उम्र, पढ़ाई और शारीरिक योग्यता को लेकर कोई गलती न हो।
चयन किन चरणों में होता है?
अग्निवीर भर्ती में चयन के लिए सबसे पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा हो सकती है। इसके बाद उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना पड़ता है। इसमें दौड़, पुल-अप्स और दूसरे शारीरिक अभ्यास शामिल हो सकते हैं। इसके बाद मेडिकल जांच होती है, जिसमें उम्मीदवार की सेहत और तय मानकों के अनुसार फिटनेस देखी जाती है। इन चरणों को पूरा करने के बाद ही अंतिम चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। चयन के नियम और चरण भर्ती के प्रकार के हिसाब से बदल सकते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को सेना की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर जारी नई सूचना जरूर देखनी चाहिए।
कितनी कठिन होती है ट्रेनिंग?
सेना की ट्रेनिंग में शारीरिक क्षमता, अनुशासन और मानसिक मजबूती पर खास ध्यान दिया जाता है। जवानों को दौड़ने, शारीरिक अभ्यास करने, टीम के साथ काम करने और मुश्किल हालात में खुद को संभालने की तैयारी कराई जाती है। उन्हें सैन्य जीवन के नियमों और जिम्मेदारियों को भी समझाया जाता है। इन्फैंट्री से जुड़ी ट्रेनिंग में लगातार मेहनत और अनुशासन की जरूरत होती है। अग्निवीरों की ट्रेनिंग की अवधि और आगे की प्रक्रिया भर्ती तथा प्रशिक्षण व्यवस्था के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी एक अवधि को सभी उम्मीदवारों पर लागू मानना सही नहीं होगा।
अधिकारी बनकर सेना में कैसे जाएं?
जो युवा सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं, वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए या संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा यानी सीडीएस जैसे रास्तों पर विचार कर सकते हैं। एनडीए के लिए बारहवीं की योग्यता और तय उम्र जरूरी होती है। सीडीएस के जरिए स्नातक उम्मीदवार संबंधित सैन्य अकादमी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन रास्तों में लिखित परीक्षा के साथ सेवा चयन बोर्ड यानी एसएसबी की जांच और साक्षात्कार भी शामिल होते हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सेना में नियुक्ति और आगे की जिम्मेदारियां तय नियमों के अनुसार मिलती हैं। उम्र, योग्यता और चयन की ताजा शर्तें आधिकारिक सूचना से जांचें।








