राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में पारंपरिक कृषि से हटकर नकदी फसलों को बढ़ावा देकर आजीविका सुधारने के प्रयास में महिलाएं आगे आ रही हैं। रुद्रप्रयाग में उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के तहत तीन गांवों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गेंदा फूल की खेती शुरू की गई है।
काश्तकार कंचन सजवाण बताती हैं कि बाजार की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। उन्होंने करीब 250 किलो फूल बेचकर आर्थिकी मजबूत की है। वहीं सुमन देवी, कंचन जगवाण, उर्मिला देवी, सीना देवी और राजेश्वरी देवी जैसी महिला किसानों का कहना कि वे मेहनत कर कारोबार को बढ़ाना चाहती हैं।
यूनिट इंचार्ज तिलवाड़ा ओमप्रकाश ने बताया कि आने वाले समय में फूल उत्पादन का क्षेत्र और बढ़ाया जाएगा। महिलाओं को उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए बाजार व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को सीधे केदारनाथ यात्रा मार्ग के स्थानीय बाजारों, मंदिर समितियों और होटल व्यवसायियों से जोड़ दिया जाए, तो यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होगा और रिवर्स माइग्रेशन और महिला सशक्तिकरण का कार्य सफल होगा।








