कलियर दरगाह परिसर से अगवा हुए सात माह के मासूम अली रजा को पुलिस ने चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ लिया। मामले में गिरफ्तार एक दिव्यांग महिला और उसके साथी ने जो कहानी बताई उसने हर किसी को हैरान कर दिया। आरोपियों ने अधिक भीख मिलने के लालच में मासूम के अपहरण की साजिश रची थी।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली कलसूम खातून ने सात जून को पुलिस को सूचना दी थी कि करीब 09 महीने पहले अपनी लड़की रजिया खातून पत्नी असमत व अपने लड़के खुशराज और नाती मोहम्मद अली रजा पुत्र असमत उम्र सात माह को लेकर नई बस्ती कलियर में किराये पर रह रहे थे।
उसकी बेटी रजिया खातून की दिमागी हालात ठीक नहीं है जो दरगाह में हाजिरी के लिए रोज आती है। सात जून को उसका सात माह का नाती अली रजा दरगाह परिसर से अचानक लापता हो गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच टीम गठित की। पुलिस ने दरगाह परिसर, रुड़की बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।








