चलती एंबुलेंस से शव फेंकवाकर सड़क जाम कराने में फंसे सपा के जिला उपाध्यक्ष, 34 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

 

देहात कोतवाली क्षेत्र में बालपुर बाजार के पास सोमवार शाम चलती एबुलेंस से हृदयलाल का शव फेंककर गोंडा-लखनऊ नेशनल हाईवे जाम कराने व अराजकता फैलाने के आरोप में पुलिस ने सपा जिला उपाध्यक्ष समेत 14 नामजद व 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

उपनिरीक्षक आत्मा सिंह ने देहात कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा कि लक्ष्मपुरजाट के ग्राम प्रधान व सपा जिला उपाध्यक्ष बिंदेश्वरी पाल ने मृतक हृदयलाल के परिजनों से फोन पर संपर्क किया। लखनऊ से निकलते समय ही गांव के पास नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम करने की साजिश रची गई थी। इसकी भनक लगने पर कई थानों की पुलिस मुस्तैद की गई। इसके बावजूद सोमवार को शव पहुंचने पर चलती एबुलेंस से फेंक दिया गया। इसका एक वीडियो भी वायरल कर दिया गया।

 

आरोप है कि ग्राम प्रधान ने ही फोन करके हृदयलाल के परिजनों को चलती एबुलेंस से शव फेंकने के लिए उकसाया। लखनऊ-गोंडा नेशनल हाईवे जाम करने की कोशिश की गई। पुलिस व आम राहगीरों पर पथराव किया गया। पुलिस की मौजूदगी में ही अराजकता का माहौल बनाया गया। इससे दुकानें बंद हो गईं।

एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि मामले में सपा जिला उपाध्यक्ष व ग्राम प्रधान बिंदेश्वरी पाल, उनके भाई पूजाराम पाल के साथ ही गांव के राजकुमार मौर्य, राजन यादव, हरीश चौहान, सूबेदार, निसार, शेषनाथ, शिवशंकर, भानु प्रकाश कोहली, शंभू, गंगा प्रसाद, राजू और लाल साहब समेत 14 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही शव का ससम्मान अंतिम संस्कार कराया गया। 

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बेबुनियाद है आरोप

सपा जिला उपाध्यक्ष व ग्राम प्रधान बिंदेश्वरी पाल ने बताया कि मां का निधन हो गया है। सोमवार को महाभोज कार्यक्रम को छोड़कर पुलिस के बुलाने पर ग्राम प्रधान होने के नाते मौके पर गए थे। परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार कराया। परिजनों को उकसाने व हाईवे जाम कराने के प्रयास के बेबुनियाद आरोप लगाकर मुझे परेशान करने की कोशिश की जा रही है। सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने बताया कि बिंदेश्वरी पाल पार्टी में जिला उपाध्यक्ष हैं। उनकी माता जी का देहांत हो गया था। बुधवार को तेरहवीं है। एबुलेंस से शव फेंकने व हाईवे जाम करने के प्रयास की जानकारी नहीं है।

यह है मामला
लक्ष्मनपुर जाट के गड़रियन पुरवा निवासी हृदयलाल पहली अगस्त को मारपीट में घायल हो गए थे। लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका निधन हो गया था। इसके बाद शव लखनऊ से घर लाते समय हाईवे एंबुलेंस से फेंककर परिजनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था।

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