साहब, घर में दो बेटियों की शादी है। मेहमान आना शुरू हो गए हैं, लेकिन हलवाई कह रहा है बिना सिलिंडर काम शुरू नहीं होगा… अब आप ही बताएं हम कहां जाएं। ये गुहार सिर्फ एक पिता की नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों की है जिनके घर शहनाई गूंजने वाली हैं।

साहब, घर में दो बेटियों की शादी है। मेहमान आना शुरू हो गए हैं, लेकिन हलवाई कह रहा है बिना सिलिंडर काम शुरू नहीं होगा… अब आप ही बताएं हम कहां जाएं। ये गुहार सिर्फ एक पिता की नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों की है जिनके घर शहनाई गूंजने वाली हैं।

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