राममंदिर चढ़ावा चोरी: एकांतवास में चंपत राय बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में पूरी हुई सेवा

राममंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, एकांतवास में रह रहे चंपत राय ने अपने कुछ करीबियों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई है और वह कलंक लेकर नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भरोसे के साथ विश्वासघात हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जांच के दौरान चंपत राय राम मंदिर परिसर स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन के ऊपरी हिस्से में ही रह रहे हैं। जब से जांच शुरू हुई है तब से वह यहीं पर हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद से चंपत लगातार सवालों के घेरे में रहे हैं। मामले की जांच जारी रहने के बीच उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा भी दे दिया है। तब से उनका कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि उन्होंने करीबियों से चोरी प्रकरण में कई बातें कही हैं। जिसमें ये भी कहा कि उनकी इसमें भूमिका नहीं रही। जिस दिन पता चला कि ऐसा हो रहा है तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

 

संघ की रिपोर्ट तैयार, आला कमान को भेजा गया फीडबैक

 राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण से उपजे हालात को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने लगभग एक सप्ताह तक अयोध्या में प्रवास कर पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया। बताया जा रहा है कि इस आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेज दी गई है।

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सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद संघ ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अयोध्या पहुंचे। आधिकारिक तौर पर उनका दौरा संघ के एक वर्ग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बताया गया, लेकिन प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों पर लोगों से मुलाकात कर फीडबैक भी जुटाया।

बताया जाता है कि इस दौरान संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों, रामभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और मंदिर व्यवस्था से जुड़े जानकारों से अलग-अलग बातचीत की गई। बातचीत के दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि चढ़ावा प्रकरण को लेकर उनकी क्या राय है और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली के प्रति उनकी क्या धारणा बनी है।

घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, फीडबैक के दौरान ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी प्रतिक्रियाओं और तथ्यों को संकलित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संगठन स्तर पर आगे आवश्यक सुझाव या निर्णय लिए जा सकते हैं।

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