राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज एफआईआर के बाद बड़ा घटनाक्रम आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने और जांच पूरी होने तक यह कदम उठाया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने इस मामले में कहा कि उन्हें अब की स्थिति की कोई जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि चढ़ावा गबन मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है। बता दें कि बृहस्पतिवार से ही चंपत राय के इस्तीफे की चर्चा थी। वहीं, कल रात चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पहले गिरफ्तार आठों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी
चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की तैयारी है, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच में एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा, ताकि सभी तथ्यों का समग्र परीक्षण हो सके। उधर, विपक्षी दल एफआईआर में किसी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल न किए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जांच की निष्पक्षता पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जारी है।
इसके पहले, चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। जिसके बाद आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।






