अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में समझौता नहीं होता, तो उनका देश तेहरान पर फिर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत फिर से हथियारों से लैस किए जा रहे हैं और अगर समझौता नहीं हुआ तो इनका इस्तेमाल बहुत प्रभावी तरीके से किया जाएगा।
इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को एक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा, हमने एक नई शुरुआत की है। हम जहाजों को सबसे अच्छे गोला-बारूद, बेहतरीन हथियारों से लैस कर रहे हैं- अब तक के सबसे बेहतरीन हथियार, यहां तक कि पहले से भी बेहतर और हमने उन्हें पहले भी तबाह किया है। उन्होंने आगे कहा, अगर हमारे पास कोई समझौता नहीं होता है, तो हम उनका इस्तेमाल करेंगे और हम उनका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करेंगे।
ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
इसके अलावा, ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने लिखा, ईरानियों के पास कोई कार्ड (बढ़त या ताकत) नहीं है और वे केवल अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिये दुनिया से जबरन वसूली कर सकते हैं। आज वे सिर्फ इसलिए जिंदा हैं, ताकि बातचीत कर सकें।
बातचीत को लेकर जेडी वेंस ‘सकारात्मक’
ट्रंप के ये बयान उस समय आए, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान दौरे पर रवाना हुए, जहां उनकी ईरान से जुड़ी उच्च स्तरीय वार्ता होने वाली है। रवाना होने से पहले वेंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, अगर ईरान अमेरिका को गुमराह करने की कोशिश करेगा, तो वार्ता दल स्वीकार नहीं करेगा और सख्त रुख अपनाएगा।
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने दी चेतावनी
उधर, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घलिबाफ ने भी शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि दो शर्तें पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेबनान में लेबनान और ईरानी संपत्तियों की रिहाई अभी तक तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ये दोनों बातें बातचीत से पहले पूरी होनी चाहिए।
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यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब 14 दिन के अस्थायी युद्ध विराम के बीच इस्राइल व हिजबुल्ला के बीच संघर्ष जारी है। उधर, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त नियंत्रण बनाए हुए है। ईरान का कहना है कि अगर इस्राइल लेबनान में हमले नहीं रोकता है, तो बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इस बीच, इस्लामाबाद के कई हिस्सों में सुरक्षा कड़ी की गई है और हवाई अड्डे से शहर के रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। युद्ध से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे। अब केवल 12 ही गुजर रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान इस जलमार्ग से तेल के प्रवाह को ठीक से नहीं होने दे रहा है। उन्होंने लिखा, यह समझौते के अनुसार नहीं है।







