राष्ट्रपति मुर्मू की यूरोप यात्रा- खुलेगी कारोबार की नई राह, बाजार में प्रवेश का नया गेटवे बनेंगे बाल्कन देश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की यात्रा भारत के लिए यूरोपीय बाजार तक अपनी आर्थिक और रणनीतिक पहुंच मजबूत करने का जरिया बनने जा रही है। राष्ट्रपति की इन तीन देशों की यात्रा व्यापारिक कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत करेगी।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने शुक्रवार को कहा कि रोमानिया यूरोप का एक प्रमुख परिवहन केंद्र है, जो पश्चिमी यूरोप को एशिया और मध्य-पूर्व से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ट्रांजिट मार्गों पर स्थित है। उन्होंने कहा कि काला सागर तट पर स्थित रोमानिया का कॉन्स्टैंटा बंदरगाह यूरोपीय बाजार को मध्य एशिया और सुदूर पूर्व से जोड़ने वाला अहम प्रवेश द्वार है। भारतीय माल इस बंदरगाह के जरिये बेहद कम समय में यूरोप के मुख्य बाजारों तक पहुंच सकता है।

उत्तरी मैसिडोनिया जैसे देशों को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में शुल्क मुक्त निर्यात की सुविधा है। ऐसे में यदि भारतीय कंपनियां वहां निवेश करती हैं तो उन्हें बिना किसी अतिरिक्त टैक्स बाधा के सीधे पूरे यूरोपीय संघ के विशाल बाजार तक पहुंच मिल जाएगी। मोल्दोवा भारतीय छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई का पसंदीदा केंद्र बनकर भी उभरा है। वहां पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्र दोनों देशों के बीच सामाजिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।
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