देश में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार कई शानदार स्कीम्स का संचालन कर रही है। इन स्कीम्स के जरिए सरकार किसानों की आय में वृद्धि करना चाहती है। भारत सरकार ने साल 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम के अंतर्गत केंद्र सरकार हर साल किसानों को 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है। 6 हजार रुपये की यह आर्थिक सहायता हर साल किसानों के खाते में तीन किस्तों के माध्यम से भेजी जाती है।
अब तक सरकार इस योजना की कुल 21 किस्तों को जारी कर चुकी है। हालांकि, 21वीं किस्त के पैसे केवल चार राज्य के किसानों के खाते में भेजे गए, इनमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के राज्य शामिल हैं। वहीं बाकी राज्य के किसान यह जानना चाहते हैं कि सरकार उनके खाते में कब 21वीं किस्त के पैसे भेज सकती है?
मीडिया रिपार्ट्स की मानें तो भारत सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त नवंबर महीने में जारी कर सकती है। हालांकि, सरकार ने 21वीं किस्त के पैसे जारी करने को लेकर कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है। वहीं कृषि और कल्याण मंत्रालय ने जांच में ऐसे लाखों संदिग्ध मामले पाए हैं, जहां किसान पति और पत्नी दोनों एक साथ स्कीम का लाभ ले रहे थे। यह पात्रता मानदंडों के खिलाफ है। राज्य और जिला अधिकारी इन मामलों का सत्यापन कर रहे हैं।
इस दौरान अगर यह पता चलता है कि किसान गलत ढंग से पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं तो सरकार लाभार्थियों का नाम नई अपडेट सूची से बाहर कर देगी। वे किसान जिन्होंने अब तक योजना में ई-केवाईसी और भूसत्यापन नहीं कराया है उनको अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
वहीं जिन किसानों ने स्कीम में रजिस्ट्रेशन करते समय गलत जानकारी दर्ज की थी, उनकी भी अगली किस्त अटक सकती है। 21वीं किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको जल्द से जल्द ये गलतियां ठीक करा लेनी चाहिए और योजना में भू-सत्यापन और ई-केवाईसी करा लेना चाहिए।








