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पौड़ी गांव निवासी एक युवक की आत्महत्या के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आरोपी युवती और उसके पिता को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। अदालत ने विवेचना में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित या धमकाने से परहेज करने और अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने की शर्त पर राहत दी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
बीते 20 जुलाई को पौड़ी गांव निवासी युवक आकाश नयाल ने फंदा डालकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के दो दिन बाद मृतक के पिता लक्ष्मण सिंह नयाल ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बेटे का पिछले चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। रिश्ता टूटने और युवती के परिवार की ओर से कथित उत्पीड़न के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था।
इसी कारण युवक ने आत्महत्या कर ली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवती और उसके पिता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। आरोपियों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों को सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान की। आरोपियों के अधिवक्ता अभिषेक सजवाण ने बताया कि अदालत ने विवेचना में पूरा सहयोग करने और किसी भी गवाह को प्रभावित न करने के निर्देश दिए हैं। मामले की पुलिस विवेचना अभी जारी है।