ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में पाई-1 ऐच्छर गांव स्थित पीएनबी शाखा में तैनात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। बैंक के दिल्ली-एनसीआर जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने बताया कि पूरे मुख्य स्टाफ को निलंबित करने के साथ कुछ कर्मचारियों का तबादला किया गया है। वहीं, मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। एजेंसी ने बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से संबंधित बैंक खातों के लेनदेन और पिछले दो वर्षों में शाखा में तैनात रहे कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। वहीं, बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने के लिए पत्र लिखा है।
जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि बैंक के कुछ कर्मचारी और प्रबंधक किसी साइबर ठग गिरोह के संपर्क में रहे हों। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और बैंक के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई थी, लेकिन अब 350 से अधिक खाताधारकों के प्रभावित होने और रकम 200 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की आशंका है। पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन देने के बाद मुआवजा पाने वाले किसानों और जमीन मालिकों की रकम को निशाना बनाया गया है। आरोप है कि खाताधारकों की जानकारी और अनुमति के बिना बचत खातों और एफडी से रकम निकाली गई।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब 10 बजे से ही बैंक परिसर में खाताधारकों की भीड़ जुटने लगी। लोग पासबुक में एंट्री कराने, एफडी की स्थिति जानने और खाते में बची रकम निकालने के लिए बैंक पहुंचे। स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से कई खाताधारकों की बैंक कर्मचारियों से बहस हुई। नाराज लोग बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। पीड़ित खाताधारकों ने बैंक परिसर में किसान संगठनों के साथ धरना-प्रदर्शन किया। सुरक्षा के मद्देनजर बैंक के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
बैंक के लॉकर से सोने और चांदी के गहने भी गायब
पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन देने के बाद मुआवजा पाने वाले किसानों और जमीन मालिकों की रकम को निशाना बनाया गया है। आरोप है कि खाताधारकों की जानकारी और अनुमति के बिना बचत खातों और एफडी से रकम निकाली गई। अब लॉकर में रखे सोने-चांदी के गहने भी गायब होने की शिकायतें सामने आई हैं। एक खाताधारक ने आरोप लगाया कि उनकी एफडी की रकम निकालने के साथ लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषण भी गायब हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब 10 बजे से ही बैंक परिसर में खाताधारकों की भीड़ जुटने लगी। लोग पासबुक में एंट्री कराने, एफडी की स्थिति जानने और खाते में बची रकम निकालने के लिए बैंक पहुंचे। स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से कई खाताधारकों की बैंक कर्मचारियों से बहस हुई। नाराज लोग बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। पीड़ित खाताधारकों ने बैंक परिसर में किसान संगठनों के साथ धरना-प्रदर्शन किया। सुरक्षा के मद्देनजर बैंक के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। गार्डों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
मामले में बीटा-2 कोतवाली पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। वहीं, नाम सामने आने के बाद बैंक के पांच अधिकारी भूमिगत हो गए हैं और अग्रिम जमानत लेने की तैयारी में हैं। एसीपी ग्रेटर नोएडा संचित शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।








