गाजियाबाद जिले के मोदीनगर के बुदाना गांव में बुधवार रात संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, 32 वर्षीय निखिल नेहरा ने करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने नाम कराने के विवाद में अपने पिता हरिओम नेहरा (54) की मां के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी।
एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि हरिओम का बड़ा बेटा निखिल शराब का आदी है। वह लंबे समय से पिता पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था। रिश्तेदार कई बार उसे समझा चुके थे। हरिओम गांव के बाहर करीब छह बीघा जमीन पर मंडप बनाने की तैयारी कर रहे थे, जबकि निखिल वहां प्लॉटिंग कराना चाहता था।
घटना वाली रात दोनों के बीच इसी मुद्दे पर विवाद हुआ। निखिल की बुआ का बेटा व अन्य रिश्तेदार समझाने पहुंचे और करीब 11 बजे लौट गए। उनके जाने के बाद विवाद दोबारा बढ़ गया। मां और छोटे भाई ने भी निखिल को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। दोनों के बीच खूब नोकझोंक और हाथापाई हुई। इसके बाद निखिल ने घर के आंगन में हरिओम पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
निखिल बना हैवान, पिता पर बरसाई आठ गोलियां
पुलिस के अनुसार, हरिओम की पत्नी ने बताया कि निखिल ने करीब आठ गोलियां चलाईं। इनमें से चार हरिओम के सिर, सीने, पेट और जांघ में लगीं। वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। परिजन ग्रामीणों की मदद से उन्हें मोदीनगर के जीवन अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। एसीपी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चार गोली लगने की पुष्टि हुई है।
एसीपी मोदीनगर ने बताया कि घटना की सूचना रात करीब 12:30 बजे अस्पताल से मिली, जबकि वारदात रात 11 से 11:30 बजे के बीच हुई थी। रात में ही उन्होंने थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी भी मौजूद रहे। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
बड़ा बेटा होने के नाते पूरी संपत्ति पर जताता था अधिकार
ग्रामीणों के अनुसार, हरिओम की कृषि भूमि के अलावा मोदीनगर में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जीवन अस्पताल के सामने व एक अन्य स्थान पर मार्केट भी है। निखिल पूरी संपत्ति अपने नाम कराना चाहता था। बड़ा बेटा होने के चलते वह पूरी संपत्ति पर अधिकार जताता था। ग्रामीणों ने बताया कि हरिओम ने उसे कुछ दुकानें और करीब 25 बीघा कृषि भूमि उपयोग के लिए दे रखी थी, लेकिन नामांतरण नहीं कराया था। उन्हें आशंका थी कि शराब की लत के कारण निखिल संपत्ति बेच सकता है।
2018 में छोटे भाई पर भी किया था जानलेवा हमला
वारदात के बाद गांव में खामोशी पसरी है। हरिओम के घर में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि निखिल का स्वभाव उग्र है। वह पहले छोटे भाई नीशू पर भी जानलेवा हमला कर चुका है, इस वजह से गांव के लोगों को उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो नीशू की सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। पुलिस के अनुसार, निखिल का छोटे भाई से भी संपत्ति को लेकर विवाद रहता था। वर्ष 2018 में उसने नीशू के पेट में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे इलाज के बाद उसकी जान बची थी। उस समय परिजनों ने आपसी समझौते के चलते पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया था।
दिनभर दोस्तों के साथ शराब पीने की चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार, निखिल सुबह अपने एक दोस्त की जमानत के सिलसिले में बागपत गया था। बताया जाता है कि उसके दोस्त का वहां पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निखिल सुबह से ही दोस्तों के साथ शराब पी रहा था और रात करीब 10 बजे तक उनके साथ रहा। इसके बाद वह नशे की हालत में घर पहुंचा।
हत्या में इस्तेमाल पिस्टल की पड़ताल
हरिओम के परिजनों के अनुसार, उनके पास लाइसेंसी राइफल है, लेकिन पुलिस का कहना है कि हत्या पिस्टल से की गई है। यह पिस्टल किसकी है और आरोपी के पास कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने निखिल के कई दोस्तों को भी रडार पर लिया है। उनके आपराधिक व अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।






