कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। पश्चिमी कोलंबिया के साथ पड़ोसी इक्वाडोर भी प्रभावित हुआ है। कम से कम 132 लोगों की मौत की खबर है और कई लोग मलबे में फंसे बताए गए हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। फ्रांस, इटली, यूक्रेन, इक्वाडोर और अमेरिका ने कोलंबिया के साथ एकजुटता जताई है। कितनी बड़ी है तबाही और दुनिया कैसे मदद कर रही है? जानते हैं…
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों को हिलाकर रख दिया। भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कम से कम 132 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। पश्चिमी कोलंबिया में आए इस भूकंप का असर पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किया गया। हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश में जुटे हैं।
यूक्रेन और इटली ने किस तरह जताई एकजुटता?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी कोलंबिया के लोगों के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि पश्चिमी कोलंबिया में आए भूकंप की खबर बेहद दुखद है और इसका असर पड़ोसी इक्वाडोर पर भी पड़ा है। उन्होंने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दुनिया के सक्षम देशों से प्रभावित लोगों और देशों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी कहा कि वह कोलंबिया में आए भीषण भूकंप से जुड़ी खबरों पर नजर रख रही हैं और इटली प्रभावित परिवारों तथा बचाव कार्य में जुटे लोगों के साथ खड़ा है।
इक्वाडोर ने कोलंबिया को कितनी मदद की पेशकश की?
भूकंप से प्रभावित कोलंबिया के लिए पड़ोसी इक्वाडोर ने तत्काल मदद की पेशकश की है। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ अज़िन ने कहा कि उनका देश कोलंबिया के साथ खड़ा है। उन्होंने कोलंबिया की मदद के लिए 47 बचावकर्मियों, प्रशिक्षित कुत्तों और जरूरी उपकरणों वाली यूएसएआर टीम उपलब्ध कराने की पेशकश की। इस टीम के पास सात दिनों तक अभियान चलाने की क्षमता बताई गई है। इक्वाडोर ने कहा कि कोलंबिया की जरूरत के मुताबिक वह इस टीम को भेजने के लिए तैयार है।
अमेरिका ने कोलंबिया को लेकर क्या कहा?
- अमेरिका ने भी कोलंबिया में आए बड़े भूकंप पर नजर रखने की बात कही है।
- अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।
- उन्होंने कहा कि अमेरिका कोलंबिया के लोगों और राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला के प्रशासन की मदद के लिए तैयार है।
- ऐसे में राहत और बचाव अभियान के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोलंबिया के लिए समर्थन बढ़ता दिखाई दे रहा है।
राहत और बचाव अभियान के बीच क्या चुनौती है?
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। ऐसे में बचाव दलों के सामने समय सबसे बड़ी चुनौती है। दूसरी ओर, प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन और घायलों तक सहायता पहुंचाने का काम भी जारी है। कोलंबिया के साथ खड़े देशों की ओर से मदद की पेशकश के बीच अब स्थानीय प्रशासन के सामने राहत अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने की चुनौती है।
भूकंप के बाद दुनिया की नजर किस पर?
7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद अब नजर लगातार चल रहे खोज और बचाव अभियान पर है। शुरुआती जानकारी में कम से कम 132 लोगों की मौत सामने आई है, लेकिन प्रभावित इलाकों में तलाश जारी रहने के कारण स्थिति आगे बदल सकती है। कोलंबिया के साथ फ्रांस, यूक्रेन, इटली, इक्वाडोर और अमेरिका की ओर से समर्थन जताया गया है। इक्वाडोर ने तो अपनी विशेष बचाव टीम भेजने की भी पेशकश की है। ऐसे में अगले चरण में मलबे में फंसे लोगों को निकालना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।





