Sri Lanka Crisis – श्रीलंका में बिगड़ते हालातों के बीच रक्षा मंत्रालय ने सेना के तीनों अंग- थलसेना, वायुसेना और नौसेना को निर्देश दिए हैं कि अगर जरूरत पड़े तो उपद्रवियों को काबू करने के लिए उन पर खुलेआम फायरिंग कर दी जाए। आदेश के मुताबिक, अगर कहीं सार्वजनिक संपत्ति की लूट या किसी को चोट पहुंचाने की घटना सामने आती है, तो सेना के पास गोलीबारी की छूट होगी। गौरतलब है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने आज ही देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि हिंसक और बदला लेने वाली घटनाएं नहीं होनी चाहिए और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आर्थिक संकटों का सामना कर रहे श्रीलंका में प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के पद से इस्तीफे के बाद राजनीतिक संकट और गहरा गया है। इस बीच, मंगलवार को स्पीकर महिंदा यापा अबेयवर्धने ने संकट में घिरे राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से अनुरोध किया कि वे इस सप्ताह संसद का सत्र फिर से बुलाएं, ताकि देश में दशकों के सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर अभूतपूर्व हिंसा और सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध के बीच मौजूदा स्थिति पर चर्चा की जा सके।
दूसरी ओर महिंदा राजपक्षे के खिलाफ लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। मंगलवार को भीड़ ने उनके आवास और त्रिंकोमाली में नौसेना मुख्यालय को घेर रखा है। इसके साथ ही सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को राजपक्षे परिवार और उनके वफादारों को देश से भागने से रोकने के लिए कोलंबो में बंदरानाइक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर चेक पोस्ट बना दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों के बड़े समूह ने हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर चेक पोस्ट बनाया है। प्रदर्शनकारी लोग सत्ताधारी गुट के वफादारों को देश से भागने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि कोलंबो में बंदरानाइक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को स्थानीय रूप से कटुनायके हवाई अड्डे के रूप में जाना जाता है।
सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को सरकार बनाने के लिए संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलना है। अध्यक्ष अबेयवर्धने ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद पार्टी नेताओं की एक बैठक की सूचना दी थी ताकि सदन के कामकाज पर चर्चा की जा सके।
इससे पहले देश में सोमवार को उनके समर्थकों द्वारा सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के कुछ घंटे बाद गंभीर आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा दे दिया था। बताया जा रहा है कि विपक्ष की अंतरिम सरकार बनाने की मांग के आगे झुकते हुए राजपक्षे ने यह कदम उठाया है।
प्रधानमंत्री राजपक्षे ने कहा कि वह जनता के लिए ‘कोई भी बलिदान’ देने को तैयार हैं। उनके इस कथन से इन अटकलों को बल मिल गया था कि राजपक्षे आज इस्तीफा दे देंगे। उनके छोटे भाई और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे की आर्थिक संकट से घिरी सरकार पर देश को उबारने के लिए अंतरिम सरकार बनाने का दबाव बढ़ गया है।
महिंदा राजपक्षे को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला करने के मामले में विपक्षी राजनेता उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सोमवार को हुई हिंसा में कम से कम आठ लोगों की जान चली गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। साथ ही कई राजनेताओं के घरों पर आगजनी हुई थी।
सोमवार को हुई हिंसा को लेकर पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि उन्होंने क्राइम विभाग को राजपक्षे समर्थकों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सोमवार को किए गए हमले की जांच करने का आदेश दिया है। अटॉर्नी जनरल ने भी पुलिस प्रमुख को भी इसकी जांच के लिए पत्र लिखा है।
इस बीच, सोमवार की रात गुस्साई भीड़ ने महिंदा राजपक्षे के अपने टेंपल ट्री आवास के परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए उनके घर में आग लगा दी। इस दौरान भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। जिसके बाद महिंदा राजपक्षे और पूरे परिवार ने मंगलवार सुबह अपने टेंपल ट्री आवास से निकल गए।
ये सूचना मिलने के बाद भीड़ ने पूर्वी बंदरगाह वाले शहर त्रिंकोमाली में नौसेना मुख्यालय को घेर लिया है। यहां लोग महिंदा राजपक्षे को परिसर से बाहर करने की मांग की है। वहीं, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने शुक्रवार आधी रात से देश में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी।







