लूथरा बंधुओं के पासपोर्ट निलंबन के बाद भारत प्रत्यर्पण की खबर, थाईलैंड में हैं दोनों

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थाईलैंड पुलिस ने सौरभ लुथरा और उनके भाई गौरव लुथरा को हिरासत में लिया है, जो गोवा के उनके नाइटक्लब में आग लगने के बाद भारत से फरार चल रहे थे। अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

वरिष्ठ अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि इन नाइटक्लब के सह-मालिकों के खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और उन्हें भारत सरकार के अनुरोध पर हिरासत में लिया गया। दोनों आरोपी फिलहाल थाईलैंड के फुकेत में हैं और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ने आग लगने की खबर मिलने के केवल एक घंटे बाद सात दिसंबर की रात 1:17 बजे फुकेत के लिए अपनी टिकट बुक की, जब पुलिस और प्रशासन आग पर काबू पाने और कर्मचारियों को बचाने में लगे हुए थे, तब ये दोनों रविवार की सुबह इंडिगो की उड़ान से भारत छोड़कर चले गए। गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क किया था।

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को लूथरा भाइयों को अस्थायी सुरक्षा देने से इनकार किया। उनके वकीलों ने दावा किया कि लूथरा देश छोड़कर नहीं गए, बल्कि व्यावसायिक यात्रा पर हैं और वे नाइटक्लब के मालिक नहीं हैं, बल्कि लाइसेंस रखने वाले हैं। उन्होंने कहा कि क्लब का रोजमर्रा का संचाल स्टाफ करता है, जिससे सीधे जिम्मेदारी लूथरा भाइयों पर नहीं आती।
इस बीच, गोवा पुलिस ने अग्निकांड के मामले में पांच प्रबंधकों और स्टाफ सदस्यों को गिरफ्तार किया। आग लगने की घटना रात को हुई और जल्दी ही इसने पूरे स्थल को अपने लपेटे में ले लिया। भारत के अधिकारी अब थाईलैंड के अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं, ताकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

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मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने क्या कहा?
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इस त्रासदी की जांच रिपोर्ट आठ दिन के भीतर तैयार हो जाएगी। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देना शुरू कर दिया है और सभी मनोरंजन स्थलों में सुरक्षा ऑडिट सख्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, आग लगने की घटना के तुरंत बाद से गृह विभाग, दमकल विभाग और प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हम हरसंभव अधिक से अधिक जानें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। छह लोग जिन्हें भर्ती कराया गया है, उनका गोवा मेडिकल कॉलेज में पूरी तरह से इलाज किया जा रहा है। 25 मृतकों के शव उनके परिवारों को सौंपे जा रहे हैं। हमने मृतकों के खातों के बारे में प्रधानमंत्री राहत कोष को सूचित किया है। अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिन्हें गिरफ्तार करने की आवश्यकता होगी, उन्हें पुलिस विभाग द्वारा गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा, सरकार ने तीन लोगों को निलंबित किया है। हमने मजिस्ट्रेट जांच शुरू की है। जांच रिपोर्ट आठ दिन के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा। ऑडिट कराने के लिए हमने राजस्व सचिव के तहत एक ऑडिट समिति बनाई है। वे यहां विभिन्न प्रकार के क्लबों का ऑडिट करेंगे।

अग्निकांड के बाद उत्तरी गोवा जिला प्रशासन ने नाइट क्लबों, होटलों और अन्य पर्यटक प्रतिष्ठानों के अंदर अतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

ट्रांजिट रिमांड पर गोवा पुलिस को सौंपा गया अजय गुप्ता
उधर, अग्निकांड के मामले में नाइटक्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता को साकेत कोर्ट ने 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर गोवा पुलिस को सौंप दिया है। अजय गुप्ता को घटना की जांच के सिलसिले में दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। गोवा पुलिस ने उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद जोशी के सामने पेश किया और ट्रांजिट रिमांड की मांग की। कोर्ट ने इंडिगो परिचालन संकट को देखते हुए 36 घंटे की रिमांड मंजूर की। जज ने निर्देश दिया कि अजय गुप्ता की रीढ़ की हड्डी की चोट और अन्य मेडिकल समस्याओं का विशेष ध्यान रखा जाए और समय पर दवाएं दी जाएं।

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अजय गुप्ता के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था, क्योंकि पुलिस उन्हें दिल्ली स्थित घर पर नहीं ढूंढ पाई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाद में उन्हें दिल्ली में हिरासत में लिया गया और अब औपचारिकताएं पूरी होने पर उनकी गिरफ्तारी दर्ज की जाएगी।

नाइटक्लब अग्निकांड मामले में लूथरा भाइयों की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। गोवा पुलिस ने बताया कि गौरव लूथरा, सौरभ लूथरा और अजय गुप्ता हस्ताक्षरकर्ता हैं। पहले जारी किया गया पंचायत लाइसेंस समाप्त हो चुका है और इसका नवीनीकरण नहीं हुआ है। सौरभ और गौरव लूथरा की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण वे इस न्यायालय द्वारा दी जाने वाली विशेष सुरक्षा के पात्र नहीं हैं। उनका थाईलैंड में कोई कारोबार नहीं है। वे सात दिसंबर को देश छोड़कर चले गए थे। हालांकि उन्होंने कहा था कि वे छह दिसंबर की रात को चले गए थे। सौरभ और गौरव लूथरा ने अदालत और अधिकारियों को गुमराह किया और देश छोड़ दिया।


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