हालांकि परिवार को जरा भी आभास नहीं था कि अशोक यह कदम उठा सकता है। यह भी सामने आया कि अशोक करीब चार साल पहले अपने पिता की मौत के बाद से अवसाद में चला गया था।
परिवार के साथ गांव में बसना चाहता था अशोक
वह परिवार के साथ गांव में बसना चाहता था। जयवीर के अनुसार, अशोक ने अवसाद के कारण पहले भी परिवार को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हुआ था। उसका चंडीगढ़ में इलाज भी चल रहा था।
चंडीगढ़ से दवाई लाता था अशोक
वहीं से दवाई लेकर आता था। बताया कि डॉक्टरों ने भी परिवार को अशोक से बचकर रहने की सलाह दी थी। गांव में चर्चा यह भी थी कि अशोक कई बार पहले कह चुका था कि वह अपने पूर परिवार को खत्म करेगा। उसने अपने इस कथन को सत्य कर दिया और पूरे परिवार की हत्या कर खुद भी आत्महत्या कर ली।
गांव में पहुंचे जनप्रतिनिधि
खारीबास गांव में बुधवार को जनप्रतिनिधि पहुंचे। पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी व भाजपा नेता राजसिंह माजरा ने गांव में पहुंचकर परिजनों को इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी और घटना की विषय में बात की।
यह था पूरा मामला
सहारनपुर के सरसावा थाना इलाके की कौशिक विहार कॉलोनी में सोमवार की रात को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। संग्रह अमीन अशोक राठी (40) मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35), बेटे कार्तिक (16) और देव (13) के शव एक ही कमरे में पड़े मिले। पुलिस की जांच में सामने आया कि रात में अशोक ने परिवार के सदस्यों को गोली मारकर खुद भी गोली मार ली। वह काफी समय से अवसाद में था।
नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे अशोक राठी
पुलिस ने बताया कि अशोक राठी नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे। मूलरूप से नकुड़ के गांव खारीबांस निवासी अशोक राठी करीब दो साल से सरसावा में परिवार के साथ रह रहे थे। पहले सरसावा की टीचर कॉलोनी में रहते थे।
सावन विहार कॉलोनी में रहती है बहन
बाद में कौशिक विहार कॉलोनी में अपने गांव के ही मांगेराम का मकान किराये पर लिया। वे ऊपर वाले तल में रहते थे, जबकि नीचे वाला हिस्सा खाली था। अशोक राठी की बहन पिंकेश सावन विहार कॉलोनी में रहती है।
रसोई की खिड़की तोड़कर खोला दरवाजा
मंगलवार सुबह पिंकेश ने अशोक के मोबाइल पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद पिंकेश ने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर भेजा। प्रीत को मामा के घर का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद प्रीत ने अपने पिता जयवीर को सूचना दी। दोनों ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया और रसोई की खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला।
बिस्तर में पड़े थे सभी के शव
अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी के शव बिस्तर में पड़े थे। अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी थी, जबकि बाकी के माथे पर सटाकर गोली लगने के निशान थे।
अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली हैं। मौके पर आठ से दस कारतूस के खोखे मिले हैं। डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने जांच की।