अयोध्या: रामलला को भेंट किया गया भव्य ‘पवित्र कोदंड’, कारगिल युद्ध शहीदों के नाम अंकित, 48 महिलाओं ने तैयार किया

 

पंचधातु से निर्मित 286 किलो वजनी कोदंड आज अयोध्या पहुंच चुका है। ओडिशा के राउरकेला से 3 जनवरी 2026 को रवाना हुआ यह पवित्र कोदंड लंबी और ऐतिहासिक शोभायात्रा के बाद रामनगरी पहुंचा। सनातन जागरण मंच, राउरकेला के तत्वावधान में निकाली गई शोभायात्रा ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
19 जनवरी को यात्रा पुरी पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन-पूजन के बाद इसे अयोध्या के लिए रवाना किया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार 22 जनवरी को यह कोदंड श्रीराम मंदिर पहुंचेगा और रामलला को समर्पित किया जाएगा।
इस कोदंड का निर्माण पंचधातु—सोना, चांदी, एल्युमिनियम, जस्ता और लोहा—से किया गया है। तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने इसे आठ महीनों की कठिन साधना और परिश्रम से तैयार किया। कोदंड पर कारगिल युद्ध सहित भारतीय सैन्य वीरता की गौरवगाथाएं उकेरी गई हैं, जो राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देती हैं।

 

48 महिला कारीगरों ने आठ महीने में तैयार किया

तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने आठ महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है। लगभग आठ फीट लंबे इस कोदंड पर ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य वीरता और कारगिल युद्ध शहीदों के नाम अंकित हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है।

और पढ़े  लखनऊ: रौद्र रूप में गोमती नदी की बाढ़, कई इलाकों में जीवन ठहरा, खाने तक के लिए मारा-मारी
  • Related Posts

    चौंकाने वाला सच: लखनऊ में उपकेंद्रों पर बिजलीकर्मी घट रहे, उपभोक्ता हर साल बढ़ रहे, अनुभव की कमी से बढ़े हादसे

    राजधानी लखनऊ में बिजली उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की शिकायतें दूर करने वाले संविदाकर्मियों की संख्या करीब 30 फीसदी घटा दी गई है, जबकि हर साल करीब 15 फीसदी उपभोक्ता बढ़…

    लखनऊ: रौद्र रूप में गोमती नदी की बाढ़, कई इलाकों में जीवन ठहरा, खाने तक के लिए मारा-मारी

    गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रविवार को दुबग्गा के जेहटा रोड समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। शाम छह बजे तक जेहटा-माल रोड…