नीट यूजी 2025: आज नीट-यूजी की परीक्षा,फर्जीवाड़े पर सख्ती, हाई अलर्ट पर राज्य सरकारें

Spread the love

 

मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी रविवार को होगी। यह पहला मौका है, जब इस परीक्षा की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा होगा। परीक्षा की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए करीब 99 फीसदी केंद्र सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में बनाए गए हैं। तैयारियां कितनी पुख्ता हैं, इसका पता लगाने के लिए शनिवार को सभी 5,468 केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, नीट-यूजी के लिए 22.76 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा के दौरान पहला बाहरी सुरक्षा घेरा जिला मजिस्ट्रेट की टीम संभालेगी। दूसरा घेरा राज्य स्तरीय (पुलिस और राज्य के अधिकारी) होगा और तीसरे स्तर पर परीक्षा केंद्र के अंदर की निगरानी केंद्र सरकार की विशेष सुरक्षा टीम के हवाले होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि कोई उम्मीदवार परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान या बाद में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पाया गया तो उसके एनटीए की किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर तीन साल की पाबंदी लगा दी जाएगी। परीक्षा के दौरान सीसीटीवी पर लाइव निगरानी भी की जाएगी।

नीट यूजी परीक्षा से पहले, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने शनिवार को बताया कि परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देशभर की राज्य सरकारों को भी सतर्क कर दिया गया है। यह सख्त सुरक्षा व्यवस्था पिछले साल NEET-UG 2024 में हुए विवादों के कारण की गई है। उस समय पेपर लीक, नंबर बढ़ाने और अनियमित रूप से ग्रेस मार्क्स देने जैसे आरोप लगे थे, जिससे व्यापक विरोध और अदालतों में सुनवाई हुई। इस बार एनटीए ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए “हर संभव कदम” उठाए हैं। परीक्षार्थियों की जांच जिला पुलिस के साथ-साथ एनटीए की सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी। प्रश्नपत्र और OMR शीट्स को पुलिस सुरक्षा में सेंटरों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि कोई छेड़छाड़ या लीक न हो सके। कोचिंग सेंटरों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी नज़र रखी जा रही है, जिससे संगठित धोखाधड़ी को रोका जा सके।

और पढ़े  2026 पश्चिम बंगाल चुनाव- बंगाल में पहली बार कमल, हाई वोल्टेज घेराबंदी के बीच BJP की जीत के सात कारण

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। कुछ राज्यों जैसे असम ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की मांग की है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बढ़ा दिया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके। इसके अलावा, एनटीए ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है जहां छात्र और आम जनता किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना दे सकते हैं।

 

23 लाख अभ्यर्थी होंगे परीक्षा में शामिल

इस साल परीक्षा में 23 लाख से ज्यादा छात्र भाग लेने वाले हैं, जो देशभर के 550 शहरों में 5,453 केंद्रों पर आयोजित होगी। विदेशों के 13 शहरों में भी परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा 4 मई 2025 को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक होगी। एनटीए ने बताया कि शनिवार को सभी केंद्रों पर एक मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) किया गया ताकि तैयारियों की जांच की जा सके। फर्जी खबरों के फैलाव को रोकने के लिए एनटीए ने सोशल मीडिया पर सख्ती शुरू की है। एजेंसी ने बताया कि फर्जी दावे करने वाले 165 से ज्यादा Telegram चैनल और 32 Instagram अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ये कार्रवाई गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के साथ मिलकर की गई है। गुजरात के राजकोट से आई खबरों का हवाला देते हुए, जिसमें कुछ लोग पैसों के बदले बढ़े हुए अंक देने की बात कर रहे थे, एनटीए ने कहा कि गुजरात सरकार पहले ही उचित कार्रवाई कर चुकी है। उड़ीसा में भी पुलिस ने छात्रों को धोखे में डालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।

छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह

एनटीए ने सभी छात्रों और उनके माता-पिता से सावधान रहने और किसी भी झूठे वादे या धोखाधड़ी का शिकार न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट से मिली सूचना पर ही विश्वास करें। एनटीए ने यह भी याद दिलाया कि ऐसे अपराध “सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम” के तहत आते हैं, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है। जो भी व्यक्ति मेडिकल सीट का झूठा वादा करके छात्रों को ठगने की कोशिश करेगा, वह इस अधिनियम के अंतर्गत दोषी माना जाएगा।

और पढ़े  पुदुचेरी में फिर लहराया राजग का परचम, रंगासामी पांचवीं बार CM पद के दावेदार

एक घंटा पहले पहुंचें, जूते पहनकर परीक्षा केंद्र नहीं मिलेगा प्रवेश

  • नीट-यूजी परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि अंतिम समय की हड़बड़ी से बचा जा सके।
  • एडमिट कार्ड और एक वैध फोटो पहचानपत्र के बिना परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं मिलेगा। स्मार्ट वाच या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने पर रोक रहेगी।
  • परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी नंगे पैर ही प्रवेश कर सकेंगे। जूते और बेल्ट पहनकर आने वालों को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। महिला परीक्षार्थियों को कान की बाली, हाथ के कंगन और अन्य आभूषण उतारने होंगे।
  • परीक्षा केंद्रों के आसपास साइबर कैफे, स्टेशनरी, फोटो कॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। केंद्रों के आसपास किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

गर्मी से बचाने के लिए भी पुख्ता इंतजाम
गर्मी को देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से परीक्षा केंद्र पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसमें पेयजल की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति (जनरेटर आदि की व्यवस्था), आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता और एम्बुलेंस सेवाएं आदि शामिल है। इसके अलावा डायबिटीज पीड़ित छात्रों के लिए हल्के स्नेक्स की भी व्यवस्था की गई है।


Spread the love
  • Related Posts

    हार के बाद कुर्सी पर अड़ीं ममता दीदी:- इस्तीफे से किया इनकार, बोलीं- हटाना है तो हटा दें, बंगाल में बढ़ा सियासी पारा

    Spread the love

    Spread the love   पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह…


    Spread the love

    Gold Silver- सर्राफा बाजार तेजी, सोना ₹1.55 लाख व चांदी ₹2.54 लाख के पार

    Spread the love

    Spread the loveवैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने के सकारात्मक संकेतों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच…


    Spread the love