नीट पेपर लीक केस: मनीषा मंधारे की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी, अदालत ने 14 दिन की CBI रिमांड पर भेजा

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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक केस में आरोपी, महाराष्ट्र के पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की 14 दिन की हिरासत में भेज दिया है। शनिवार को नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पुणे की बायोलॉजी की अध्यापिका को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मामले की आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गहन पूछताछ के बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया। वह नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं।

 

इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। मामले में सह आरोपी धनंजय लोखंडे को पहले ही छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके अलावा पांच अन्य आरोपियों शुभम खैरनार, मंगिलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और यश यादव को भी 20 मई तक हिरासत में भेजा गया है। गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी और मामले की विस्तृत जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

 

पेपर-सेटिंग कमेटी का हिस्सा थी मनीषा
बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नीट-यूजी पेपर-सेटिंग कमेटी का हिस्सा थी। जांच एजेंसी ने इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मनीष को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, मनीषा मंधारे को एनटीए की ओर से एक विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसके कारण उनकी बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी।

आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ ऐसे रची साजिश
आरोप है कि मनीषा मंधारे ने परीक्षा से पहले अप्रैल 2026 में पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया था) के जरिए परीक्षार्थियों को इकट्ठा किया और अपने पुणे स्थित आवास पर उनके लिए सीक्रेट कोचिंग क्लासेस चलाईं। इस दौरान मंधारे ने चुनिंदा छात्रों को लीक हुए प्रश्न और उनके उत्तर लिखवाए, जिसके बदले उनसे लाखों रुपये वसूले गए। तीन मई को हुई परीक्षा में ये सवाल हूबहू मैच कर गए। इससे पहले सीबीआई ने शुक्रवार को लातूर से केमिस्ट्री के विशेषज्ञ प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया था, जो वर्षों से नीट का पेपर सेट करने वाले पैनल में शामिल थे। कुलकर्णी ने भी अपने विशेषाधिकार का फायदा उठाकर अप्रैल के आखिरी हफ्ते में छात्रों को अपने घर बुलाकर प्रश्न-उत्तर रटवाए थे।

बता दें कि सीबीआई ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी भी की। इस कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का विस्तृत विश्लेषण जारी है। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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