दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले युवाओं और छात्रों ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने और सीबीएसई कक्षा 12वीं की ऑनलाइन कॉपी चेकिंग में भारी गड़बड़ी होने से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। इन प्रशासनिक कमियों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
दिन भर क्या-क्या हुआ?
अमेरिका से सीधे दिल्ली पहुंचे दीपके: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह बोस्टन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां उन्होंने देश में परीक्षाओं के तनाव के कारण हुई छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया और सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए।
हाथ में संविधान निर्माता की जीवनी: एयरपोर्ट से बाहर आते ही दीपके ने मीडिया के सामने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आत्मकथा (बायोग्राफी) लहराई और इस आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण बताया।
कॉकरोच मास्क पहनकर आए छात्र: जंतर-मंतर पर अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां सैकड़ों छात्र और युवा अपने चेहरों पर कॉकरोच के मुखौटे पहनकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।
तिरंगा, किताबें और अनोखा गांधीवादी तरीका: सीजेपी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक छात्र अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और पढ़ाई की किताबें लेकर आए थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था संभाल रहे दिल्ली पुलिस के जवानों को कृतज्ञता के रूप में फूल भेंट किए।
भारी सुरक्षा और 40 कंपनियां तैनात: प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के बॉर्डरों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। जंतर-मंतर पर अर्धसैनिक बलों की करीब 40 कंपनियां तैनात की गई थीं।
सोनम वांगचुक का बड़ा समर्थन: लद्दाख के मशहूर शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी दोपहर में इस मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश का पूरा शिक्षा ढांचा ढह चुका है और ये घोटाले सिर्फ उसकी एक छोटी सी बानगी हैं।
अनशन की चेतावनी: सोनम वांगचुक ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए मंच से एलान किया कि यदि सरकार ने सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो वे खुद छह हफ्ते के लंबे उपवास पर बैठ जाएंगे।
सोशल मीडिया सेंसरशिप का आरोप: मंच से भाषण देते हुए अभिजीत दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने से हमारी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट की जा रही हैं और अकाउंट हैक किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी जमीनी आवाज को नहीं मिटा सकती।
माता-पिता और विभिन्न राज्यों के युवाओं की भागीदारी: विरोध प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कोटा में तैयारी कर रहे बच्चों के परेशान माता-पिता और मणिपुर जैसे अशांत क्षेत्रों से आए युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
शाम पांच बजे की डेडलाइन खत्म: दिल्ली पुलिस की अनुमति के अनुसार यह प्रदर्शन शाम पांच बजे शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कोई जवाब न आने के बाद, सीजेपी ने अब इस आंदोलन को दिल्ली से बाहर निकाल कर पूरे देश में फैलाने की चेतावनी दी है।
अल्टीमेटम के बाद भी प्रधान ने नहीं दिया इस्तीफा, सीजेपी ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
नीट पेपर लीक और सीबीएसई धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े ‘कॉकरोच जनता पार्टी’के हजारों छात्रों ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया, जहां संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अगुवाई में सरकार को दिया गया शाम 5 बजे का अल्टीमेटम बिना किसी आधिकारिक जवाब के खत्म हो गया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने पुलिस द्वारा धरना स्थल खाली कराए जाने के बाद अब देश के अन्य बड़े शहरों में आंदोलन को और तेज करने की खुली चेतावनी दे दी है।
पांच बजे तक शिक्षा मंत्री दें अपना इस्तीफा- अभिजीत
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे।
सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का किया समर्थन
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद समेत परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि उनका मुद्दा सिर्फ नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से दूरदराज के सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात नहीं बदलने से निराशा बढ़ी है।
सीजेपी ने आंदोलन को भड़काने की कोशिश का लगाया आरोप
सीजेपी ने आंदोलन को भड़काने की कोशिश का लगाया आरोप कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर नया बयान सामने आया है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग संवैधानिक तरीके से चल रहे प्रदर्शन को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। सीजेपी समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से भी किसी उकसावे में नहीं आने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से क्या-क्या कहा?
- सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा सकती हैं, लेकिन हमें खत्म नहीं किया जा सकता।
- एक महीने से हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
- सरकार कार्रवाई करने के बजाय अकाउंट हैक और पोस्ट डिलीट कराने में लगी है।
- यह लड़ाई लंबी है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
- देश का छात्र और युवा नहीं बिका है।
- मैं इस आंदोलन के लिए अपनी आजादी कुर्बान करने को भी तैयार था।
- आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा।









