नैनीताल: टैक्सी चालक ने की युवती से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता पूरी रात सड़क के नीचे बने कलमठ पर छिपकर रही

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दिल्ली से नैनीताल घूमने आई एक युवती के लिए शांत वादियों की यह यात्रा उस समय डरावने अनुभव में बदल गई, जब एक टैक्सी चालक की हैवानियत से बचने के लिए उसे आधी रात जंगल में नंगे पैर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। डरी-सहमी युवती पूरी रात सड़क के नीचे बने कलमठ पर छिपकर बैठी रही और सुबह होने का इंतजार करती रही।

युवती ने बातचीत में बताया कि वह प्रकृति प्रेमी है और इसी वजह से अक्सर शांत और प्राकृतिक जगहों पर घूमना पसंद करती है। इसी प्रेम के कारण वह नैनीताल घूमने आई थी। उसे लगा था कि पहाड़ों की शांत वादियों में उसे सुकून मिलेगा, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि जिस टैक्सी में वह भरोसा करके बैठी है, उसी चालक के मन में गंदे इरादे हो सकते हैं। युवती ने बताया कि जब उसे चालक की नीयत का अहसास हुआ तो उसने किसी तरह खुद को संभाला और मौका मिलते ही वहां से भाग निकली। अंधेरी रात में वह चोटिल अवस्था में नंगे पैर जंगल की ओर भागती चली गई।

 

डर और घबराहट के बीच वह सड़क के नीचे बने एक कलमठ में छिपकर बैठ गई और पूरी रात वहीं डरी-सहमी हालत में गुजारी। उसने कहा कि उस रात उसे जंगली जानवरों से कम, बल्कि उस टैक्सी चालक से ज्यादा डर लग रहा था। चारों ओर घना अंधेरा, जंगल की खामोशी और मन में बैठा भय, इन सबके बीच उसने पूरी रात किसी तरह काटी। युवती ने कहा कि सुबह की पहली किरण उसके लिए नए जीवन की तरह थी। घटना को याद करते हुए युवती की आंखें नम हो गईं। उसने कहा कि प्रकृति के प्रति उसका प्रेम अब और भी बढ़ गया है, क्योंकि उसी प्रकृति ने उसे अपनी गोद में सुरक्षित रखा। लेकिन इस घटना के बाद इंसानियत पर उसका भरोसा जरूर टूट गया है।

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