नैनीताल- बंगाली पर्यटकों ने किया नैनीताल को बाय-बाय..

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र्यटन नगरी से बंगाली पर्यटकों का मोह भंग हो रहा है। पिछले पांच वर्षों से नैनीताल पहुंचने वाले बंगाली सैलानियों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसकी मुख्य वजह सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अफवाहें मानी जा रही हैं। इस बार भी नवरात्र में बंगाली सीजन फ्लॉप होने से कारोबारियों में निराशा है।

नैनीताल में बंगाली सीजन सितंबर और अक्तूबर में होता है। इसमें बंगाली पर्यटक भारी संख्या में नैनीताल घूमने आते हैं लेकिन इस बार सैलानी न के बराबर पहुंचे। बंगाली पर्यटकों की आवक कम होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मायूसी हाथ लगी है। पर्यटन व्यवसायियों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों से नैनीताल के पर्यटन को लेकर लगातार गलत संदेश जाते रहे हैं जिसका असर समूचे पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है। कुछ वर्ष पहले तक बंगाली सैलानियों के ग्रुपों के पहुंचने से अधिकतर होटल नवरात्र पर पैक रहते थे।
बीते कुछ वर्षों से बंगाली सीजन में पर्यटक कम पहुंच रहे हैं। लगातार सोशल मीडिया पर नैनीताल की छवि से जुड़े भ्रामक वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह सूचना विभाग के माध्यम से समय-समय पर सही जानकारी और अपडेट जारी करे ताकि लोगों के बीच भरोसा लौट सके।

– त्रिभुवन फत्र्याल, पर्यटन कारोबारी

पहलगाम हमले के बाद मानसून में भूस्खलन की घटनाओं ने नैनीताल के पर्यटन को गहरा झटका दिया है। प्रशासन को सुरक्षित पर्यटन स्थलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है जिससे पर्यटन बिना डरें पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकें।

दिग्विजय सिंह बिष्ट, अध्यक्ष होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन

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