मुनव्वर खान- BOB के साथ धोखाधड़ी करने वाले मुनव्वर को कुवैत से भारत लाई सीबीआई, भगोड़ा घोषित था जालसाज

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जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में वांछित मुनव्वर खान को वापस भारत ले आया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने भारी मक्कत के बाद उसे कुवैत से भारत प्रत्यर्पित करवाने में सफलता पाई। सीबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, एजेंसी ने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से भगोड़े अपराधी मुनव्वर खान की कुवैत से वापसी का सफलतापूर्वक समन्वय किया है। मुनव्वर खान जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई का वांछित अपराधी है। बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी करने के बाद मुनव्वर खान, कुवैत भाग गया था।

 

कुवैत से हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया
सीबीआई की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) ने विदेश मंत्रालय और एनसीबी-कुवैत के सहयोग से 11 सितंबर को वांछित रेड नोटिस अपराधी मुनव्वर खान को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है। मुनव्वर खान को कुवैत पुलिस की एक टीम द्वारा कुवैत से हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया। हवाई अड्डे पर सीबीआई, एसटीबी, चेन्नई की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। इससे पहले सीबीआई द्वारा इंटरपोल के माध्यम से एनसीबी-कुवैत के साथ गहन अनुवर्तन के माध्यम से इस विषय को कुवैत में पाया गया था।

 

बैंक को धोखा देने के तुरंत बाद आरोपी मुनव्वर खान कुवैत चला गया
मुनव्वर खान, सीबीआई की ओर से एसटीबी, चेन्नई में दर्ज एफआईआर संख्या आरसी 3 (एस) /2011 में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में वांछित है। मुनव्वर खान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी की थी। बैंक को धोखा देने के तुरंत बाद, आरोपी मुनव्वर खान कुवैत चला गया और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।

इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया
एसटीबी चेन्नई शाखा के अनुरोध पर सीबीआई ने इस मामले में 7 फरवरी 2022 को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस प्रकाशित करवाया। मुनव्वर खान को कुवैत के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया और उसे भारत प्रत्यर्पित करने का निर्णय लिया गया। इंटरपोल की ओर से प्रकाशित रेड नोटिस, वांछित अपराधियों पर नज़र रखने के लिए दुनिया भर की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं।

130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया
भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में, सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से समन्वय करके 130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

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