गुणवत्ता मानकों पर फेल- नवंबर में 200 से ज्यादा दवाओं के नमूने गुणवत्ता में फेल, कहीं आपकी दवा तो नहीं ख़राब?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि नवंबर महीने की जांच में केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं ने 64 दवा नमूनों को मानक गुणवत्ता का नहीं (एनएसक्यू) पाया है। इसके अलावा, राज्य दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 141 दवा नमूनों को भी एनएसक्यू श्रेणी में रखा है। मंत्रालय के अनुसार, यह जांच नियमित नियामक निगरानी के तहत की जाती है। हर महीने जिन दवाओं की गुणवत्ता मानकों में कमी या जो नकली पाई जाती हैं, उनकी सूची केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की वेबसाइट पर अपलोड की जाती है।

 

नवंबर में 200 से ज्यादा दवाओं के नमूने मानकों पर नहीं मिले
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में कहा गया कि नवंबर 2025 में केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं ने 64 और राज्य प्रयोगशालाओं ने 141 दवा नमूनों को मानकों पर खरा नहीं पाया। एनएसक्यू दवाएं वे होती हैं, जो किसी एक या एक से अधिक गुणवत्ता मानकों पर असफल पाई जाती हैं। हालांकि, यह कमी केवल उस विशेष बैच तक सीमित होती है जिसकी जांच की गई है और इससे बाजार में मौजूद अन्य दवाओं को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

उत्तर क्षेत्र से दो दवा नमूने नकली पाए गए
इसके अलावा, नवंबर में उत्तर क्षेत्र (गाजियाबाद) से दो दवा नमूने नकली (स्प्यूरियस) पाए गए। ये दवाएं बिना अनुमति वाले निर्माताओं की तरफ से बनाई गई थीं और किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल किया गया था। इस मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र और राज्य नियामक एजेंसियां मिलकर करती हैं कार्रवाई- मंत्रालय
वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र और राज्य नियामक एजेंसियां मिलकर लगातार ऐसी कार्रवाई करती हैं, ताकि घटिया या नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके और लोगों की सेहत सुरक्षित रखी जा सके।

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