मथुरा हिंसा- फरसे वाले बाबा के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़, DM ने की बड़ी घोषणा, ट्रक चालक की मौत

Spread the love

थुरा के छाता में बाबा चंद्रशेखर की मौत के बाद भड़की भीड़ ने दिल्ली हाईवे जाम कर पथराव किया, जिससे दहशत का माहौल बन गया। पुलिस के प्रयासों के बावजूद स्थिति बार-बार बिगड़ती रही और इलाके में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं।

 

डीएम बोले- सरकार करेगी गोशाला का संरक्षण; तब हुआ बाबा के शव का अंतिम संस्कार

मथुरा में फरसे वाले बाबा की माैत के बाद हाईवे पर बवाल हो गया। गांव में बाबा का शव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए गोभक्तों की भारी उमड़ पड़ी। छाता-बरसाना मार्ग पर जाम जैसे हालात बन गए। गोभक्त प्रशासन से गिरफ्तार किए गए 40 गोभक्तों को छोड़ने और आरोपियों पर कार्रवाई के बाद ही अंत्येष्टि करने की मांग पर अड़ गए। माैके पर जिलाधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ।

 

डीएम बोले, बाबा का समाधि स्थल बनवाया जाएगा

डीएम ने कहा कि बाबा की गौशाला को सरकार की तरफ से हम सहायता देंगे। बाबा का जहां दाह संस्कार होगा, वहां समाधि स्थल बनवाया जाएगा। जिस चालक ने घटना की थी, उसकी अस्पताल में मौत हो गई है। जिन लोगों को जरूरी होगा, हम उनके लिए लाइसेंस देने पर विचार करेंगे। गौसेवक हमारे परिवार के हैं। हम उनके साथ है। जो निर्दोष हैं उन पर कोई केस या कार्रवाई नहीं होगी। एसएसपी ने कहा कि हम बाबा के नाम से ही यहां पर चौकी स्थापित करेंगे। कोई निर्दोष नहीं फंसेगा।

 

छाता कस्बे में चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस

हाईवे पर बवाल के बाद चार घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई। जाम में फंसे वाहन अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। छाता कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई है।

और पढ़े  एक दुल्हन को लेने आ गए दो दूल्हे- बैंक्वेट हॉल के बाहर हो गया माहौल तनावपूर्ण, पुलिस आई तब जाकर हुआ ये फैसला

Spread the love
  • Related Posts

    रोडवेजकर्मियों की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए मिलेंगे 20 हजार रुपये, सहायता राशि में हुई वृद्धि

    Spread the love

    Spread the loveरोडवेजकर्मियों की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि की गई है। अब ऐसी स्थिति में 20 हजार रुपये की…


    Spread the love

    7 साल की उम्र में गवाएं दोनों हाथ, मुआवजे की आस में चली गई जान, अब हाईकोर्ट से आया फैसला

    Spread the love

    Spread the loveफरवरी 1997 में पप्पू सात साल का था। वह घर के बाहर खेल रहा था। बिजली विभाग की ओर से गली में सड़क पर ही ट्रांसफाॅर्मर रखा गया…


    Spread the love