LPG Gas- भव्य शादियों पर छाया LPG का साया, दिल्ली में बढ़ा कोर्ट मैरिज का चलन, बीते 20 दिन में आई तेजी

Spread the love

राजधानी में एलपीजी सिलिंडर की कमी ने शादियों के मैन्यू पर तो कैंची चलाई ही थी अब तो लोग इस संकट से पार पाने के लिए वेडिंग प्वाइंट के बजाय कोर्ट मैरिज और मंदिरों में सादगीपूर्ण विवाह पर जोर दे रहे हैं। शादी के तय मुहूर्त के बीच गैस की कमी और महंगे सिलिंडर के खर्च से बचने के लिए विवाह टाले नहीं जा सकते हैं। इसलिए लोग इस तरह का विकल्प अपना रहे हैं।

 

एलपीजी की उपलब्धता में कमी के चलते बैंक्वेट हॉल और कैटरिंग सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई स्थानों पर गैस की कमी के कारण बड़े आयोजन संभव नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। ऐसे में दूल्हा-दुल्हन पहले कोर्ट में शादी रजिस्टर करवा रहे हैं और बाद में सीमित संख्या में परिवार के साथ आर्य समाज के मंदिरों में विवाह कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि एक ओर गैस की कमी है तो दूसरी ओर कुछ बैंक्वेट हॉल डीजल भट्टी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क ले रहे हैं, जिससे शादी का खर्च बढ़ रहा है। ऐसे हालात में सादगी से शादी करना ही बेहतर विकल्प है। दिल्ली के वकीलों ने भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में कोर्ट मैरिज के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साकेत और तीस हजारी कोर्ट में पहले के मुकाबले अधिक जोड़े अपनी शादी रजिस्टर करवा रहे हैं। यदि एलपीजी संकट जल्द दूर नहीं हुआ, तो आने वाले समय में पारंपरिक शादियों की जगह सादगीपूर्ण और सीमित आयोजनों का चलन और तेजी से बढ़ सकता है।

27 मार्च को तय थी शादी
हाल ही में यश शर्मा ने कोर्ट मैरिज की। उनके पिता आशीष शर्मा ने बताया कि बेटे की सगाई एक साल पहले हुई थी और 27 मार्च को शादी तय थी लेकिन एलपीजी की कमी के कारण बैंक्वेट बुक करना संभव नहीं हो सका। कहीं भी गैस उपलब्ध नहीं थी, जिसकी वजह से हमें बेटे की कोर्ट मैरिज का रास्ता अपनाना पड़ा।

अदालत से…
पहले एक दिन में करीब 18 शादियां रजिस्टर होती थीं, लेकिन अब एलपीजी संकट के चलते यह संख्या दोगुनी हो गई है।
-एडवोकेट रेहा भार्गव, साकेत कोर्ट

और पढ़े  Update: अंडमान में मानसून की समय से पहले एंट्री, वहीं दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में भीषण लू का कहर

एलपीजी की कमी और बढ़ते खर्च के कारण लोग पारंपरिक शादियों से हटकर सिविल मैरिज को प्राथमिकता दे रहे हैं।
-अदिति द्राल, मैट्रिमोनियल वकिल, तीस हजारी कोर्ट

पिछले 20 दिनों में कोर्ट मैरिज के मामलों में तेजी आई है। बैंक्वेट हॉल में बढ़ते खर्च के कारण लोग सादगी से शादी करना बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
-एडवोकेट संजना


Spread the love
  • Related Posts

    US का बड़ा फैसला: रूबियो ने फर्स्ट वीजा फ्रेमवर्क का किया एलान, जानें भारतीयों को क्या होगा फायदा

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिका फर्स्ट वीजा का एलान किया है। इसके तहत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत…


    Spread the love

    त्विषा शर्मा  केस: त्विषा शर्मा मामले को SC ने लिया स्वत, संज्ञान, सीजेआई 25 मई को करेंगे सुनवाई

    Spread the love

    Spread the loveमध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने इस मामले में स्वतः…


    Spread the love