लालकुआं- आंदोलनकारी श्रमिकों के समर्थन में धरने पर बैठे पूर्व विधायक नवीन दुम्का

Spread the love

मिल प्रबंधन को दी चेतावनी नहीं सहेंगे श्रमिकों का उत्पीड़न
पूर्व विधायक के समर्थन से आंदोलन के धारदार होने की संभावना
लालकुआं स्थाई नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले ढाई महीने से आंदोलनकारी पेपर मिल के श्रमिकों के समर्थन में आज पूर्व विधायक नवीन दुम्का समर्थन में उतर गए हैं उन्होंने आंदोलनकारी श्रमिकों की मांग को न्यायोचित करार देते हुए धरना भी प्रारंभ कर दिया है इस दौरान आयोजित सभा में पूर्व विधायक नवीन दुमका ने दो टूक चेतावनी दी कि मिल प्रबंधन अपने अड़ियल रवैए से बाज आए और आंदोलन में बैठे श्रमिकों को स्थाई नियुक्ति प्रदान करें उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन इस प्रकार की गलतफहमी में न रहे कि वह श्रमिकों की मांग को अनसुना कर देगा उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन ने यदि जल्द ही श्रमिकों की मांग का समाधान नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे पूर्व विधायक नवीन दुमका के अलावा धरना स्थल पर नंदकिशोर कपिल डीएन सुयाल शंकर जोशी हरीश भट्ट वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व प्रधान इंदर सिंह बिष्ट पूर्व प्रधान हरीश भट्ट प्रधान विपिन जोशी सोनू सुयाल रोशन मेहरा गोविंद मेहता कुंदन चुफाल हेम पांडे राजू उप्रेती राजीव कब्डवाल खीमानंद सुयाल तारा जोशी बलवंत दानू कमल अधिकारी प्रेमचंद्र दुमका आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भास्कर सुयाल कंचन सिंह के अलावा पूर्व विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र दुम्का बच्ची सिंह रावत कैलाश मेलकानी मोहन सुयाल कमल तिवारी पिताबर सुयाल लक्की दुम्का भी मौजूद थे इधर पूर्व विधायक नवीन दुमका के समर्थन देने से आंदोलनकारी श्रमिकों के भीतर नई शक्ति तथा ऊर्जा का संचार हुआ है तथा आंदोलन एक मजबूत तथा सशक्त दिशा की ओर बढ़ेगा इस की प्रबल संभावनाएं हैं

और पढ़े  अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में गबन की जांच के लिए पीएमओ से पहुंचे अफसर, आज पहुंचेगी एसआईटी

Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून- चुनावी पिच पर छोटी टीम को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, प्रदेश प्रभारी कर सकती हैं पीसीसी की घोषणा

    Spread the love

    Spread the loveकांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए छोटी टीम को बड़ी जिम्मेदारी देगी। प्रदेश कांग्रेस की ओर से नई कार्यकारिणी के लिए भेजी गई नामों की सूची के…


    Spread the love

    देहरादून- जंगल की आग की हो चुकीं 575 घटनाएं, वन महकमा 30 तक देखेगा हालात, फिर फायर सीजन पर लेगा फैसला

    Spread the love

    Spread the loveवन महकमे का फायर सीजन पुरानी व्यवस्था के तहत 15 जून को पूरा हो जाता है पर वनाग्नि के दृष्टिगत 30 जून के बाद हालात को देखते हुए…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *