लालकुआं- दीपेंद्र कोश्यारी लालकुआं विधानसभा की गलियों-मोहल्लों में वर्षों से सक्रिय, जनता से गहरा जुड़ाव

Spread the love

लालकुआं विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी कुछ समय दूर हों, लेकिन लालकुआं की सियासत में दीपेंद्र कोश्यारी का नाम पहले ही गूंजने लगा है। भाजपा के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे दीपेंद्र कोश्यारी पिछले कई सालों से लालकुआं विधानसभा की एक-एक गली और मोहल्ले में लगातार भ्रमण कर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। यही निरंतर सक्रियता उन्हें आज टिकट की दौड़ में सबसे चर्चित नाम बना रही है।

🌟 विरासत और भरोसे की पूंजी👉कोश्यारी परिवार की सियासी पहचान किसी परिचय की मोहताज नहीं। भगत सिंह कोश्यारी ने दशकों तक जनता और संगठन को मजबूत किया, और अब दीपेंद्र उसी भरोसे की पूंजी को जनता के बीच लेकर उतर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है, “दीपेंद्र जी केवल नाम नहीं, बल्कि विश्वास की गारंटी हैं। वे वर्षों से लालकुआं की धरती पर मौजूदगी दर्ज कराते आए हैं।”

🌟 गली-मोहल्लों तक सीधा जुड़ाव👉दीपेंद्र कोश्यारी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्होंने लालकुआं को केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जाना है। गांवों की चौपाल, कस्बों के बाजार और मोहल्लों की गलियां—हर जगह उनकी पहुंच रही है। लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनना और उनके समाधान की कोशिश करना ही उन्हें स्थानीय जनता का “अपना नेता” बनाता है।

🌟 युवाओं और कार्यकर्ताओं की पहली पसंद👉दीपेंद्र कोश्यारी के सक्रिय और ऊर्जावान व्यक्तित्व ने उन्हें युवाओं का प्रिय बना दिया है। वहीं कार्यकर्ताओं को उनमें एक ऐसा नेता दिखता है जो न केवल दिल्ली और देहरादून से जुड़ा है, बल्कि लालकुआं की जनता के बीच भी लगातार मौजूद रहता है। यही वजह है कि उनके समर्थक हर दिन बढ़ते जा रहे हैं।

और पढ़े  बबीता का पता जानने के लिए बागेश्वर धाम के पास जायेंगे परिजन

🌟 चुनावी समीकरण में बढ़त👉राजनीतिक जानकार मानते हैं कि लालकुआं में “स्थानीय बनाम बाहरी” की बहस जरूर है, लेकिन दीपेंद्र कोश्यारी इस बहस को पीछे छोड़ चुके हैं। कारण साफ है—उनका वर्षों का जमीनी जुड़ाव और निरंतर सक्रियता। यही सक्रियता उन्हें टिकट की दौड़ में एक मजबूत दावेदार बना रही है।

🌟 हाईकमान की निगाहें👉भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी दीपेंद्र की बढ़ती पकड़ और प्रभाव पर नजर रखे हुए है। अगर पार्टी ने युवाओं और विरासत के संगम को प्राथमिकता दी, तो दीपेंद्र कोश्यारी लालकुआं से भाजपा का चेहरा बन सकते हैं।

 

 


Spread the love
  • Related Posts

    अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग…PG छात्र ने MBBS के विद्यार्थियों को किया परेशान, एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आज

    Spread the love

    Spread the loveसोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान और शोध संस्थान (अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज) में रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पीजी छात्र ने एमबीबीएस बैच 2023…


    Spread the love

    उत्तराखंड- मदरसों का अस्तित्व केवल बोर्ड पर निर्भर, ये मान लेना सही नहीं, सरकार के फैसले पर जमीअत का बयान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संबंध में बुधवार को जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने बयान जारी किया। उन्होंने इस कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने और…


    Spread the love