लालकुआँ- 36 साल बाद भी नही बन सका बस अड्डा “शहर में है नेताओं का भरमार” नगर निकाय चुनाव में बनेगा चुनावी मुद्दा।

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लालकुआँ नगर पंचायत की स्थापना के 36 वर्ष बाद भी बस स्टैंड का निर्माण नहीं होने से नगरवासी काफी परेशान हैं और उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लालकुआँ नगर पंचायत स्थापना के समय लोगों को उम्मीद थी कि शहर का सर्वांगीण विकास होगा। लेकिन यहाँ विकास की गति काफी धीमी रही आलम यह है कि लालकुआँ में अब तक एक बस स्टैंड नही बन सका है वही लालकुआँ को 36 वर्ष पहले नगर पंचायत का दर्जा मिल गया था, लेकिन यहां आज तक एक अदद बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है, जबकि दो बार भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी चुका है। इसके साथ ही अगर शहर के विकास और विस्तार की बात की जाए तो वह भी वन विभाग, रेल व लोक निर्माण विभाग की भूमि होने के कारण ना के बराबर ही हुआ है।
बताते चले कि लालकुआँ नगर में बस स्टैंड नहीं होने के कारण स्थानीय निवासियों को खासी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। खासकर महिला और बच्चों को घंटों सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है जिसके चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं बरसात के दिनों में लोग इधर-उधर दुकानों में बैठकर बस का इंतजार करने को विवश हैं। कई बार तो यात्रियों को भीग कर ही बस पकड़नी पड़ती है। वहीं सड़क मार्ग से आवागमन करने वालों को बस स्टेंड ना होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्मी के मौसम में होती है। वहीं बताया जाता है कि लालकुआँ में बस स्टैंड को लेकर सरकार ने शासनादेश भी जारी किया जिसके चलते भूमि का निरीक्षण भी हुआ और उक्त निरीक्षण में 1 लाख से अधिक रूपये का खर्चा भी हुआ उसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।लालकुआँ में बीते लगभग आधी शताब्दी से एक बस स्टैंड निर्माण के लिये सरकार और उसके नुमाइंदों द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है जबकि नगर में अधिकांश सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं ने कब्जा जमा रखा है।

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इधर लालकुआं के सबसे पहले पूर्व चेयरमैन कैलाश पंत का कहना है कि उनके कार्यकाल में लालकुआं नगर में बस स्टैंड की स्थापना के लिए खासे प्रयास किए गए उन्होंने कहा कि अधिकतर भूमि भू माफियाओं के कब्जे में जो सरकार और उनके प्रतिनिधियों को फयदा पहुंचते है जिसके चलते विकास नही हो पा रहा है उन्होंने कहा कि वह नगर में बस स्टैंड की स्थापना के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इधर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवन चौहान का कहना है कि उनके व उनकी धर्मपत्नी के कार्यकाल में लालकुआं में बस स्टैंड समेत कई अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सतत प्रयास किए गए और कई बार शासन व प्रशासन के अधिकारियों द्वारा भूमि के चयन के लिए स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। लेकिन सरकार बदलने के कारण सबकुछ ठंडे बस्ते में चला गया। बावजूद इसके वे अब भी लालकुआं में एक अदद बस स्टेंड की स्थापना के लिए प्रयासरत है।

इधर निवर्तमान चेयरमैन लालचंद्र सिंह का कहना है कि नगर में बस स्टैंड ना होने से स्थानीय लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। वह लालकुआं में बस स्टैंड बनाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक व सासंद के लगातार सम्पर्क में हैं और उम्मीद है कि जल्द ही नगरवासियों की यह पुरानी मांग पूरी होगी।

वहीं नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट का कहना है कि स्थानीय निवासी लम्बे समय से लालकुआं में बस स्टैंड बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, व्यापार मंडल द्वारा भी नगर वासियों की इस आवश्यक मांग को लेकर स्थानीय विधायक और सासंद महोदय से मिलकर लालकुआं में बस स्टैंड बनाए जाने की जोरदार मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही लालकुआं में बस स्टैंड की स्थापना कर स्थानीय लोगों की इस पुरानी मांग को पूरा किया जायेगा।

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बाईट, पवन चौहान पूर्व चैयरमेन।

 


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