आफत की बारिश:  महाराष्ट्र में बारिश से अब तक 6 लोगों की मौत, CM फडणवीस बोले- अगले 48 घंटे बेहद अहम

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हाराष्ट्र में बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश ने लोगों की आफत बढ़ा रखी है। राज्य में लगातार हो रही बारिश से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोगों को बचाया गया है। भारी बारिश के कारण बाढ़, सड़कें जाम होने और फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से कहा है कि आगामी 48 घंटे बेहद अहम हैं, वे सावधानी बरतें। प्रशासन भी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। सीएम ने बताया कि नांदेड़ जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों से 290 से अधिक लोगों को बचाया गया है। क्षेत्र में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और सेना को तैनात किया गया है।

 

मानसूनी हवाएं तेज होने से हुई बारिश: मौसम विभाग
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के तेज होने के कारण मूसलाधार बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग पुणे के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसडी सनप ने कहा कि इस प्रणाली ने उत्तरी कोंकण से केरल तक फैली एक द्रोणिका को सक्रिय कर दिया है। इससे कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और घाटों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश हो रही है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मध्यम वर्षा हो रही है। आईएमडी ने अगले दो दिनों तक मुंबई सहित कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

10 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित: अजित पवार
डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि लगातार बारिश से राज्य में लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। बारिश थमने के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा।

यहां-यहां बारिश बनी आफत
गढ़चिरौली में सोमवार शाम से लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और संपर्क बाधित हो गया है। पर्लकोटा नदी के उफान पर आने के कारण भामरागाड तालुका के 50 से अधिक गांव संपर्क से कटे हुए हैं। इसके चलते भामरागा-अल्लापल्ली राजमार्ग को बंद करना पड़ा। वहीं कोडपे गांव का 19 वर्षीय युवक उफनती नदी पार करते समय बह गया।  भूस्खलन के कारण कोल्हापुर-रत्नागिरी राजमार्ग कई घंटों तक बंद रहा। भूस्खलन और गांव के मार्गों में बाढ़ आने के कारण महाड और नागोथाने में सड़क संपर्क बाधित हो गया है।

नदियां उफान पर
लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में राधानगरी बांध से भारी जल प्रवाह के बाद भोगवती नदी में 11,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे पंचगंगा नदी इस मौसम में पांचवीं बार खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है। चंदोली बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से वार्ना नदी में जल स्तर बढ़ गया है और कोल्हापुर के निचले इलाकों के गांवों को सतर्क कर दिया गया है।

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अधिकारियों ने बताया कि कोयना बांध से मंगलवार को कोयना नदी में नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जाना शुरू कर दिया गया है तथा सतारा जिले के कराड जैसे प्रमुख शहरों को नदियों के जल स्तर में संभावित वृद्धि के बारे में सतर्क कर दिया गया है।कोंकण के रोहा तालुका में सोमवार को 160 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। यहां कुंडलिका और सावित्री नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

घर के अंदर ही रहें लोग: प्रशासन
राज्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक आवश्यक न हो, वे घरों के अंदर ही रहें। संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना की बचाव टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण कोंकण और विदर्भ की नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।

नांदेड़ में सात लोग बाढ़ में बहे, तीन को बचाया गया
नांदेड़ जिले में मंगलवार को ऑटोरिक्शा और कार में सवार सात लोग बाढ़ग्रस्त सड़क पर बह गए। स्थानीय बचाव दल तीन पुरुषों को बचाने में सफल रहे हैं, जबकि एक पुरुष और तीन महिलाओं की तलाश जारी है। मुजखेड़-उदगीर रोड पर देर रात करीब 1.40 बजे हादसा हुआ। अफसरों ने कहा कि जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों से 293 लोगों को बचाया गया है। एसडीआरएफ की टीमों ने चार गांवों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाव अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अफसरों ने कहा कि रावनगांव से कम से कम 225 लोगों को, भिंगोली से 40 लोगों को, बसवाड़ी से 10 लोगों को और हसनाल से आठ लोगों को निकाला गया। भारतीय सेना की एक इकाई ने बाढ़ प्रभावित लोगों के इलाज के लिए एक चिकित्सा शिविर स्थापित किया है।

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