हल्द्वानी- होटल और स्कूल भवन सील, रात में कांग्रेस प्रत्याशी के पति का वारंट जारी, प्रशासन का दावा

 

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक एक दिन पहले बुधवार को प्रशासन ने कांग्रेस प्रत्याशी के पति लाखन सिंह नेगी के भुजियाघाट स्थित तीन मंजिल होटल और रामगढ़ में स्कूल भवन को सील कर दिया। देर रात लाखन के खिलाफ गैर जमानती वारंट हुआ और तलाश में पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष और विधायक के हल्द्वानी स्थित होटलों में दबिश दी। हालांकि वहां से कुछ नहीं मिला।

बृहस्पतिवार को नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होना है। इस चुनाव में रामगढ़ से दो बार ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं और वर्तमान में सूपी जिला पंचायत सीट से सदस्य निर्वाचित पुष्पा नेगी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों के बीच घमासान चल रहा है। चुनावी घमासान के बीच बुधवार को नैनीताल से राजस्व विभाग की टीम ने भुजियाघाट स्थित पुष्पा नेगी के पति लाखन सिंह नेगी के ग्रीन वैली होटल पर छापा मारा। नायब तहसीलदार नंदन सिंह नेगी के नेतृत्व में पहुंचे राजस्व कर्मियों ने वहां मौजूद होटल प्रबंधन से भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज की मांग की। दस्तावेज न मिलने पर राजस्व कर्मियों ने तीन मंजिल होटल को सील कर दिया।

 

नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि होटल का स्वामित्व लाखन सिंह नेगी पुत्र लाल सिंह नेगी के नाम पर है। बताया कि यह होटल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया है। होटल सील करने के साथ ही मौके पर नोटिस चस्पा कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि होटल स्वामी को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी के पति का होटल सील होने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं।

उधर, रामगढ़ के सिमायल रैकवाल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी के निर्माणाधीन विद्यालय का भवन प्रशासन ने सील कर दिया। एक नाली सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण मिलने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। लाखन की पत्नी कांग्रेस से जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रत्याशी हैं। बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव से पहले की गई कार्रवाई पर लाखन के समर्थक सवाल उठा रहे हैं।

पांच अगस्त को तहसीलदार युगल किशोर पांडे राजस्व और पुलिस टीम के साथ भूमि और निर्माणाधीन स्कूल भवन की जांच के लिए पहुंचे थे। लाखन ने ग्रामीणों के साथ प्रशासन की टीम पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाकर विरोध किया था। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन की टीम बैरंग लौट गई थी।

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तहसीलदार की ओर से लाखन नेगी और अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद प्रशासन की टीम 11 अगस्त को दोबारा जांच के लिए पहुंची। टीम ने स्कूल परिसर में जमीन के साथ ही भवन निर्माण संबंधी कागजातों की जांच की। जिस जमीन पर स्कूल निर्माणाधीन है, उसकी भी पैमाइश की गई। बुधवार दोपहर प्रशासनिक टीम ने स्कूल भवन को सील कर दिया।

सीमाओं पर पुलिस का पहरा : नैनीताल जिले की सीमाओं पर भी पुलिस ने पहरा बढ़ा लिया है। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र का कहना है कि सुरक्षा 15 अगस्त को लेकर बढ़ाई गई है। बुधवार देर शाम जिले में आने वाले वाहनों की चेकिंग की गई।

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