लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार सुबह केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दो स्थानों पर बाधित हो गया। कुंड-काकड़ा गाड़ के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा आने से यातायात बाधित है। वहीं सिरोहबगड़ भी सोमवार देर रात मलबा आने से बंद हुआ, जिसे रात में ही खोल दिया गया। वहीं गौरीकुंड मुनकटिया के पास भी मलबा आने की सूचना है। जिन्हें मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है।
मूसलाधार बारिश से मसूरी बेहाल: कई स्थानों पर भूस्खलन, पेड़ गिरा, किमाड़ी-एलकेड़ी मार्ग फिर बंद
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन, पेड़ गिरने और मलबा आने से लोगो की परेशानी बढ़ गई। मलबा आने से सड़क बन्द हो गई, यातायात बाधित हो गया। जबकि कुछ जगहों पर संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।
स्प्रिंग रोड क्षेत्र में एक आवासीय भवन के ऊपर विशाल पेड़ गिर गया। इसके साथ ही मकान के पीछे से भी मात्रा में मलबा आने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। पानी वाले मोड़ स्थित एक रेस्टोरेंट पर भी एक बार फिर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे रेस्टोरेंट को नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल आई आपदा के दौरान भी यहां मलबा आया था, लेकिन स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, जिसके कारण दोबारा नुकसान उठाना पड़ा।
उधर, किमाड़ी-एलकेड़ी मार्ग के किलोमीटर-14 पर एक बार फिर पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। इसके अलावा मार्ग के कई अन्य हिस्सों में भी मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। सड़क बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों और आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण मसूरी शहर की कई सड़कों पर भी मलबा और पत्थर आने की घटना हुई है। कई स्थानों पर जलभराव और बंद नालियों के कारण पानी सड़कों पर बहता रहा। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।




