
1996 में न्यायिक सेवा में आए भूपेश शर्मा
भूपेश शर्मा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और जुलाई 1996 में कांगड़ा में सब जज-सह-न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की। 2012 में उन्हें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पद पर पदोन्नत किया गया। वह हमीरपुर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और शिमला में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रहे। चार अक्तूबर 2024 से वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत थे।
योगेश जसवाल ने 1991 में शुरू की थी वकालत
योगेश जसवाल ने 1991 में एचपीयू से एलएलबी की डिग्री हासिल की और 1991-92 में बार काउंसिल में पंजीकरण कराया। 1996 में हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा में शामिल हुए। 2013 में उच्चतर न्यायिक सेवा में पदोन्नत होने के बाद उन्होंने घुमारवीं में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और किन्नौर, चंबा तथा कांगड़ा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं। वह श्रम न्यायालय-सह-औद्योगिक न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक भी रहे।








