हिमाचल: शिमला में अब घर बैठे मिलेंगी प्लंबर, मैकेनिक समेत 41 सेवाएं, अक्तूबर से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

राजधानी के शहरवासियों को अब घर बैठे प्लंबर, टैक्सी चालक, ब्यूटीशियन, पेंटर, वेल्डर और मैकेनिक समेत 41 तरह की सेवाएं मिल सकेंगी। नगर निगम शिमला इसके लिए घर द्वार जन सुविधा एप शुरू करने जा रहा है। एप तैयार कर दिया गया है और अक्तूबर 2026 से इसे आम लोगों के लिए शुरू करने की योजना है। यह सुविधा सिटी लाइवलीहुड सेंटर (सीएलसी) के तहत उपलब्ध करवाई जाएगी।

इस पहल के माध्यम से शहर के लोग अपने घर से ही स्थानीय सेवा प्रदाताओं और कुशल कामगारों की सेवाएं ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। नगर निगम का उद्देश्य शहरवासियों को सत्यापित स्थानीय कामगारों से आसानी से जोड़ना है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए सेवा प्रदाता तलाशने में सुविधा मिलेगी, वहीं कुशल कामगारों को भी रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
शुरुआत में मिलेंगी ये सेवाएं
नगर निगम के अनुसार, शुरुआती चरण में एप पर कई तरह की घरेलू और स्थानीय सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें टिफिन सेवा, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, लेबर ठेकेदार, दर्जी, ड्राइवर, माली, घरेलू सहायिका, ब्यूटीशियन, पेंटर और वेल्डर शामिल हैं। इसके अलावा वॉशिंग मशीन रिपेयर, फ्रिज और टीवी रिपेयर, कुक तथा टैक्सी सर्विस जैसी सेवाएं भी एप पर मिलेंगी।
नगर निगम ने बताया कि शुरुआत में इन सेवाओं को जोड़ा जाएगा और इसके बाद बाकी सेवाएं भी एप पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे शहरवासियों को घर बैठे अलग-अलग तरह के कामों के लिए स्थानीय कामगारों से संपर्क करने का विकल्प मिलेगा।

30 सितंबर तक निशुल्क पंजीकरण
घर द्वार जन सुविधा एप पर कामगारों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं को जोड़ने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने इच्छुक कुशल कामगारों और सेवा प्रदाताओं से 30 सितंबर 2026 तक बिना किसी शुल्क के पंजीकरण करवाने की अपील की है।

पंजीकरण के लिए नगर निगम के आईटी सेल या संबंधित वार्ड कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी उपलब्ध करवानी होगी। नगर निगम के अनुसार, पंजीकरण पूरा होने के बाद कामगारों और सेवा प्रदाता कंपनियों के संपर्क नंबर एप पर उपलब्ध होंगे।

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कामगारों की रेटिंग से पता चलेगी सेवा की गुणवत्ता
एप पर पंजीकृत कामगारों और सेवा प्रदाताओं के नंबर उपलब्ध होंगे। लोग अपनी जरूरत के अनुसार एप के जरिये उनसे संपर्क कर सकेंगे। नगर निगम के अनुसार, काम का शुल्क कामगार खुद तय करेंगे। शुल्क पर निगम का नियंत्रण नहीं होगा। निगम का काम सेवा प्रदाताओं को लोगों से जोड़ना और सुविधा उपलब्ध करवाना होगा।

काम के बदले भुगतान नगर निगम के पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इसमें कुछ हिस्सा नगर निगम के खाते में जाएगा। निगम प्रशासन के अनुसार, कामगारों की सेवा की गुणवत्ता और शुल्क को लेकर आम जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर उनकी रेटिंग तय होगी। एप पर हर कामगार की रेटिंग भी दिखाई जाएगी, जिससे लोगों को सेवा प्रदाता चुनने में मदद मिल सके।

महापौर ने बताई पहल की जरूरत
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहरवासियों की सुविधा के लिए यह एप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कामगारों और सेवा प्रदाताओं को जोड़ने के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद लोगों को एप के माध्यम से सेवाएं मिलने लगेंगी।

नगर निगम की इस पहल से शिमला में घरेलू और स्थानीय सेवाओं को एक ऑनलाइन मंच पर लाने की योजना है। अक्तूबर से एप शुरू होने के बाद शहरवासियों को रोजमर्रा के कामों के लिए उपलब्ध सेवा प्रदाताओं की जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी।

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