पश्चिम एशिया संकट-  युद्ध के बीच ईरान ने 30 कथित जासूसों को किया गिरफ्तार, एक विदेशी भी शामिल

श्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है।

 

30 जासूस गिरफ्तार

युद्ध के 11वें दिन ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 30 कथित जासूसों को गिरफ्तार किया है।मंत्रालय के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में एक विदेशी नागरिक भी शामिल है, जिसकी राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया गया है।न्यायपालिका के समाचार पोर्टल ‘मिजान ऑनलाइन’ के माध्यम से जारी बयान में बताया गया कि इस विदेशी नागरिक को ईरान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि यह व्यक्ति दो फारस की खाड़ी के देशों के लिए जासूसी कर रहा था। मंत्रालय के मुताबिक वह कथित तौर पर “अमेरिकी-ज़ायोनिस्ट दुश्मन” के नाम पर यह गतिविधियां चला रहा था।

ईरान का दावा- हम संघर्षविराम नहीं चाहते

 

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर घालिबाफ ने कहा है कि ईरान अमेरिकी और इस्राइली बातचीत के जरिए युद्ध समाप्ति नहीं चाहता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम निश्चित रूप से सेजफायर की तलाश में नहीं हैं। हमारा मानना है कि आक्रामक को मुंह पर मुक्का मारकर सबक सिखाना चाहिए, ताकि वह हमारे प्यारे ईरान पर फिर कभी हमला करने की सोच भी न पाए। घालिबाफ ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध-बातचीत-सेजफायर और फिर युद्ध के चक्र को तोड़ना चाहता है, जो रणनीति इस्राइल अपने प्रभुत्व को दिखाने के लिए अपनाता है।

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ईरान ने इस्राइल के तेल और गैस रिफाइनरी तथा ईंधन टैंकों को बनाया निशाना

ईरान की सेनाओं ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने इस्राइल के हाइफा शहर में तेल और गैस रिफाइनरी तथा ईंधन टैंकों के खिलाफ ड्रोन/मिसाइल हमला किया। इसका उद्देश्य दावा करते हुए बताया गया कि यह इस्राइल द्वारा उनके ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के जवाब में किया गया प्रतिकार है।  ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले को बाजान ग्रुप की रिफाइनरी पर निशाना बनाकर किया गया, जो इस्राइल का एक बड़ा तेल प्रसंस्करण केंद्र है। हालांकि इस्राइल की तरफ से स्पष्ट जानकारी नहीं आई है कि हमला सफल रहा या कोई बड़ा नुकसान हुआ।

 

हंगरी ने बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

हंगरी की सरकार ने बढ़ती ईंधन कीमतों को देखते हुए कच्चा तेल, डीजल और 95-ऑक्टेन पेट्रोल के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह जानकारी वित्त मंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में दी। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अपने राज्य ईंधन भंडार से 45 दिनों का ईंधन जारी करेगी ताकि घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। इससे पहले हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने कहा था कि हंगरी में ईंधन की कीमतों पर सीमा तय की जाएगी, ताकि उपभोक्ता और व्यवसाय बढ़ती कीमतों से बच सकें। यह कदम मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच लिया गया है।

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