उत्तरप्रदेश पुलिस में पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर के पद पर तैनात आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती (91) से लूट के बाद उनकी हत्या कर दी गई। रविवार सुबह अंबेडकरनगर के मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित उनके घर पर उनका शव मिला। उनके मुंह से खून बह रहा था, शरीर से सोने के जेवर भी गायब थे।
डीआईजी सोमेन वर्मा, एसपी प्राची सिंह समेत तमाम अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान मुंह में कपड़ा ठूंसे जाने की भी बात सामने आई है। पुलिस नेअज्ञात के खिलाफ लूट और हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ निवासी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रवती (91) पिछले करीब दो सप्ताह से गांव स्थित पैतृक घर पर अकेली रह रही थीं। शनिवार दोपहर को एसपी आशुतोष मिश्रा भी अपनी मां से मिलने आए थे लेकिन ड्यूटी के चलते वह कुछ ही देर में वापस लखनऊ लौट गए थे।
एसपी को चाचा ने दी मां की मौत की सूचना
शरीर से गहने भी थे गायब
सूचना पर डीआईजी सोमेन वर्मा और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल पर जांच की गई। फोरेंसिक, सर्विलांस और एसओजी टीमों को भी जांच में लगाया गया। आसपड़ोस के लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। डीआईजी सोमेन वर्मा ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
मुंह और हाथ पर मिले चोट के निशान
देर रात आई इंद्रावती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। मौत की वजह जानने के लिए डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। पोस्टमार्टम के दौरान इंद्रावती के मुंह और हाथ में चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
घर व आसपास नहीं लगा है सीसीटीवी
घर के बाहर कहीं भी सीसीटीवी नहीं लगा है न ही गांव में आसपास के घरों में किसी से सीसीटीवी लगवा रखा है। ऐसे में पुलिस को अभी किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी नहीं मिल पाया है।
1998 में पुलिस विभाग में चयन
आशुतोष मिश्रा का वर्ष 1998 में पुलिस विभाग में चयन हुआ था। 2016 में पदोन्नति के बाद आईपीएस अधिकारी बने। इस बीच उन्होंने मुरादाबाद, बहराइच, अलीगढ़, बाराबंकी और डीजीपी हेडक्वार्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। 29 नवंबर 2023 से वह पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात हैं।
एसपी आशुतोष मिश्रा की दो बहनें लक्ष्मी व श्रद्धा हैं। दोनों का विवाह हो चुका है। लक्ष्मी लखनऊ में रहती हैं और श्रद्धा मुंबई में रहती हैं। मां इंद्रावती की मौत के बाद लक्ष्मी लखनऊ से अपने पैतृक गांव पहुंच चुकी हैं। श्रद्धा के मुंबई से देर रात गांव पहुंचने की बात ग्रामीण बता रहे हैं।





