भारत-म्यांमार सीमा पर ली गई पहली बार तलाशी
यह खुलासा एजेंसी की उस कार्रवाई के दौरान सामने आया है, जब ड्रग्स तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले में भारत-म्यांमार सीमा पर पहली बार तलाशी ली गई थी।
ईडी ने 27 नवंबर को अपनी इस विशेष कार्रवाई के तहत मिजोरम के आइजोल और चंपाई (भारत-म्यांमार बॉर्डर) में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इसके अलावा असम के करीमगंज जिले के श्रीभूमि क्षेत्र और गुजरात के अहमदाबाद में भी तलाशी ली गई।
जांच में क्या आया सामने?
तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों से पता चला है कि भारतीय नागरिकों ने म्यांमार के लोगों के लिए सूडोइफेड्रिन टैबलेट और कैफीन एन्हाइड्रस खरीदे। इन रसायनों का उपयोग सीमापार मेथामफेटामिन जैसी सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन में किया जाता है।
ड्रग्स तस्करी के अलावा अवैध वित्तीय लेनदेन और धन शोधन का भी आरोप
एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क न केवल ड्रग्स की तस्करी में शामिल था, बल्कि अवैध वित्तीय लेनदेन और धन शोधन के जरिए इसकी कमाई को भी छिपाया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि म्यांमार नागरिकों ने भारतीय नागरिकों के जीएसटी क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे पदार्थों की खरीद को वैध दिखाया।
एजेंसी के अनुसार, इस योजना ने मादक पदार्थों के विनिर्माण की आपूर्ति शृंखला को बढ़ावा दिया, भारत-म्यांमार की पोरस यानी बेहद संवेदनशील और खुली सीमा वाले इलाकों जैसे मिजोरम को प्रभावित कर रही थी। इसमें कई भारतीय राज्यों तक वित्तीय और तस्करी के संबंध थे और इन गतिविधियों के माध्यम से धन शोधन किया गया।
46.7 लाख रुपये जब्त और 21 बैंक खातों को किया गया फ्रीज
छापेमारी के दौरान कुछ हवाला संचालकों और अन्य लोगों से 46.7 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई व एजेंसी ने 21 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। ईडी का मामला मिजोरम पुलिस की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें छह लोगों से 1.41 करोड़ रुपये मूल्य की 4.72 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी।