Raid: देश के 62 रेस्टोरेंट पर आयकर छापे, 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का शक

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यकर विभाग ने कर चोरी के शक में देशभर में कई प्रमुख रेस्टोरेंट की तलाशी ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि जांच के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से 408 करोड़ की कम बिक्री बताए जाने का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई हैदराबाद स्थित प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट समूह से जुड़े 70 हजार करोड़ के कर चोरी मामले के सामने आने के बाद की गई। आयकर विभाग को संदेह है कि इन रेस्टोरेंट समूह ने वास्तविक बिक्री छिपाने और कर बचाने के लिए हेरफेर में बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।

सीबीडीटी ने बताया, 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 408 करोड़ की बिक्री छिपाई गई है। साथ ही, इन नतीजों की जांच चल रही है। कर अधिकारियों के नवंबर 2025 में फूड एवं बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू करने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। जांच के दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असल बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे। रविवार से देशभर में रेस्टोरेंटों की तलाशी अभियान के बाद 63,000 आउटलेट को ईमेल और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसमें उनसे 31 मार्च तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) अपडेट करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब शुरू हुआ जब हैदराबाद में विभाग की शाखा ने हाल ही में स्थानीय बिरयानी कंपनी का सर्वे किया जो बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाती है। इसमें पाया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी आय कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे। ब्यूरो

अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले हैदराबाद में मौजूद रेस्टोरेंट के लिए संदिग्ध कर चोरी हजारों करोड़ रुपये की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह सर्वे और वेरिफिकेशन रविवार से कई शहरों में शुरू किया गया है और इसका मकसद यह पता लगाना है कि कर चोरी कितनी हो सकती है।

एआई टूल्स से 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन खंगाले
सीबीडीटी ने बयान में कहा कि एआई टूल्स के जरिये करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन डाटा का एडवांस्ड एनालिसिस किया गया। इस डाटा की तुलना इन आउटलेट्स की ओर से बताए गए टर्नओवर से की गई, जिससे आय की बड़े पैमाने पर कम रिपोर्टिंग का पता चला। कुछ मामलों में, रिकॉर्ड की गई बिक्री वित्तीय खातों या कर फाइलिंग में पूरी तरह से दिखाई नहीं दी और कुछ लेनदेन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया।

मीशो को आयकर विभाग से मिला 1,500 करोड़ का कर नोटिस
ई-कॉमर्स कंपनी मीशो को आयकर विभाग से करीब 1,500 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने इस नोटिस को चुनौती देने का फैसला किया है। मीशो ने शेयर बाजार को बताया कि उसे छह मार्च को वर्ष 2023-24 के लिए आयकर विभाग से नोटिस मिला। इसमें विभाग ने ब्याज सहित 14,99,73,82,840 (1,499.73 करोड़) रुपये की कर मांग रखी है। यह कर मांग नोटिस कंपनी की ओर से घोषित आय में कुछ बढ़ोतरी और समायोजन के आधार पर जारी किया गया है। मीशो ने बताया कि वह इस आदेश की समीक्षा कर रही है और उसमें की गई टिप्पणियों और समायोजनों से सहमत नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसके पास इसे चुनौती देने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं तथ्यात्मक आधार हैं और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

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