हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। किन्नौर में बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। सांगला वैली के कुप्पा और लिप्पा गांव में गुरुवार दोपहर भारी भूस्खलन और बाढ़ आ गई। यहां पहाड़ से गिरी भारी चट्टानों की चपेट में आने से तीन मकान ध्वस्त हो गए। लिप्पा और कुप्पा गांव से 38 लोगों को प्रशासन ने शिफ्ट कर दिया है। भूस्खलन की आवाज सुनकर कुछ लोग पहले ही घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। वहीं भारी बारिश के कारण शिमला में अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक स्थित एमसी पार्किंग का डंगा गिर गया है। इससे पार्किंग में खड़ी दो गाड़ियां भी डंगे के साथ नीचे खिसक गईं। वहीं नीचे खड़ी चार गाड़ियों पर पत्थर गिर गए।
किन्नाैर में घरों पर गिरीं चट्टानें, 38 लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए
कुप्पा में चट्टानों की चपेट में आने से सेब के सात बगीचे, एक शौचालय, एक गोशाला, एक आंगन और पानी के पाइपों को भी नुकसान पहुंचा है। उधर, पूह उपमंडल के लिप्पा गांव में भारी बारिश से पेजर खड्ड में बाढ़ आ गई और खड्ड किनारे बने घरों में पानी और मलबा घुस गया। मलबे की चपेट में आने से लिप्पा खास गांव को जोड़ने वाला पुल भी खतरे की जद में आ गया है। प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए लिप्पा गांव में 18 और कुप्पा में 20 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। प्रदेश में गुरुवार शाम तक 104 सड़कें, 76 बिजली ट्रांसफार्मर और 47 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। बारिश के दौर के बीच प्रदेश में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।
पांवटा साहिब में 10 जुलाई को बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान
गुरुवार को राजधानी शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और किन्नौर जिले में झमाझम बारिश हुई। शिमला के लांगवुड क्षेत्र में भूस्खलन से चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, अग्रवाल धर्मशाला के समीप एमसी पार्किंग का डंगा भी भरभराकर गिर गया। डंगे के साथ दो वाहन नीचे खिसक गए, जबकि नीचे खड़ी अन्य गाड़ियों पर पत्थर गिरे। गुरुवार को रोहतांग दर्रा और ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। गुरुवार को प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हुआ। सिरमौर जिले में मूसलाधार बारिश से हालात सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। पांवटा साहिब उपमंडल में शुक्रवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। जिले में 34 सड़कें बंद हो गईं, जबकि पांवटा साहिब क्षेत्र में 63 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया। कालाअंब में नाला बंद होने से दो उद्योगों के परिसर में पानी घुस गया और सामान को नुकसान पहुंचा। सोलन जिले में कुमारहट्टी के समीप पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कालका-शिमला फोरलेन का एक हिस्सा वनवे करना पड़ा।

हिमाचल में 15 जुलाई तक बरसेंगे बादल
उधर, गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इस तरह यह 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंच गया है, जबकि आम तौर पर यह 8 जुलाई को पहुंचता है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 11 व 12 जुलाई को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दाैरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। सप्ताह के बाकी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। आज कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 10 से 15 जुलाई तक कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।








