हिमाचल प्रदेश: CM सुक्खू बोले- बिलासपुर हादसे में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देगी सरकार

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली रात बिलासपुर में बड़ी दुखद घटना हुई है। बस के भूस्खलन की चपेट में आने के इस मामले में राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देगी। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार इसमें करीब 18 लोग सवार थे। उन्हें जैसे ही प्रशासन से सूचना मिली और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उन्हें सूचना दी तो यहां पोकलेन और जेसीबी लगाए गए। इस हादसे में तकरीबन 16 लोगों की मौत हुई है। एक शव बुधवार सुबह मिला है। इसमें एक बेटा और बेटी जीवित बचे हैं। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य सचिवालय शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि निश्चित रूप से अधिक बारिश दर्ज की गई।

 

प्रदेश में सात हजार करोड़ रुपये का नुकसान: सीएम
सीएम ने कहा कि पिछले 30 जून के बाद जलवायु परिवर्तन से फर्क पड़ा है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर तक बारिश हो रही है। इससे मिट्टी गीली हो रही है। मिट्टी गीली होने के बाद पहाड़ में पानी घुस जाता है। उसके बाद भूस्खलन हुआ है। उन्होंने कहा कि रात को उनकी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से बात हुई है। उन्हें कुल्लू में रात को अंतरराष्ट्रीय दशहरा छोड़कर आना पड़ा। उन्हें जाने को कहा गया। वह रात को ही घटनास्थल पर पहुंचे। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी नई दिल्ली में एक सम्मेलन में गए थे। उन्हें बुधवार को इसमें शामिल होना था, लेकिन रात को वापस आए। मृतकों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमारवीं से कलोल के लिए सड़क है। भूस्खलन पहाड़ के स्वभाव में होता है। अक्तूबर महीने में आमतौर पर इस तरह से भूस्खलन नहीं होता है। सीएम सुक्खू ने कहा कि इस बरसात और उसके बाद अब तक हिमाचल प्रदेश में सात हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।

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वीरभद्र की प्रतिमा के साथ लगे पेड़ को हटाने की होगी जांच : सुक्खू
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के साथ लगे पेड़ को गायब करने के मामले में सीएम सुक्खू ने कहा कि उन्हें इसका पता लगा है। अगर उस पेड़ को गायब किया गया तो यह गलत बात है। जांच के बाद ही स्थिति सामने आएगी।

भाजपा बागवान विरोधी तो थी, पर पशुपालकों की विरोधी भी हो गई : सीएम
सीएम सुक्खू ने दाड़लाघाट मामले में कहा कि 15 हजार के करीब महिलाएं आई थीं। उन महिलाओं के लिए जो दूध का रेट बढ़ाया है, उसके तहत सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि 36 करोड़ रुपये दिए गए है। यह कार्यक्रम पशुपालकों को फायदा देने का था। भाजपा बागवान विरोधी तो थी, पर पशुपालकों की विरोधी भी हो गई है। कार्यक्रम में खाना नहीं मिल रहा था तो उन्हें उठकर चले जाना चाहिए था। वह पार्टी के कार्यकर्ता थे। कहां से थे, यह मालूम करना चाहिए।


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