हिमाचल- मांगों को लेकर प्रदेशभर में गरजे पेंशनर, निकालीं रैलियां, डीसी के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन

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हिमाचल में पेंशनरों ने लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने शिमला के सीटीओ चाैक के पास धरना दिया और मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। वहीं पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोलन जिले की करीब 10 से 15 पेंशनर यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुराने विश्राम गृह पर एकत्रित हुए। वहां से मालरोड पर रैली निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचे और वहां पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भेजा, जिसमें प्रदेश सरकार ने अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। इसमें डीए की बकाया राशि, लंबित मेडिकल बिल प्रमुख है। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंदरपाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा और मीडिया प्रमुख सैन राम नेगी ने कहा कि सरकार ने 1 जनवरी 2016 और 31 जनवरी 2021 के बीच रिटायर हुए पेंशनरों को संशोधित कम्युटेशन, लीव इन्कैशमेंट, ग्रेच्युटी, 16 प्रतिशत डीए और दो वर्षों से चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं किया है। इसके कारण पेंशनरों में सरकार के प्रति भारी रोष है। संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने हैरानी जताई है कि मुख्यमंत्री ने 3 फीसदी डीए देने की घोषणा की जबकि1 जुलाई 2023 को भारत सरकार ने चार फीसदी जारी किया था। डीए और एरियर प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों का हक है, सरकार इसमें मनमानी तब्दीली नहीं कर सकती।

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मांगों को लेकर बिलासपुर में पेंशनरों ने बस अड्डा से डीसी कार्यालय तक निकाली रोष रैली
मांगों को लेकर पेंशनरों ने शुक्रवार सुबह जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने बस अड्डा से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पेंशनरों ने कहा कि सरकार पेंशनरों को अनदेखा कर रही है। पेंशनर अपने हक के लिए बार-बार  सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। पेंशनर सरकार से भीख नहीं मांग रहे हैं, वह केवल अपना हक मांग रहे हैं। पेंशनरों ने कहा कि यदि उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह आंदोलन को तेज करेंगे और प्रदर्शन जारी रहेगा।

 

पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने कुल्लू में डीसी कार्यालय तक निकाली रैली
जिला मुख्यालय कुल्लू में शुक्रवार को हिमाचल पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने धरना दिया। शुक्रवार को सुबह करीब 11:45 बजे संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर चले एकत्रित हुए पेंशनर्स पुराने स्टेट बैंक कार्यालय के साथ लगते मैदान से रैली के रूप में कॉलेज गेट होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ में उन्होंने पेंशनरों के लंबित लाभ को प्रदान करने की मांग की है।

 

डीए, एरियर और बकाया देय राशि की मांग के लिए पेंशनरों ने निकाली रोष रैली
पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति जिला सिरमाैर के बैनर तले शुक्रवार को मुख्यालय नाहन में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों के पेंशनरों ने रोष रैली निकाली। रोष रैली हिंदू आश्रम नाहन से शुरू हुई, जो चौगान, नया बाजार, लाइब्रेरी होते हुए डीसी कार्यालय पहुंची। यहां पर पेंशनरों ने उनकी अनदेखी पर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। कमेटी के संयोजक ओएल चौहान ने कहा कि पेंशनरों का लाखों रुपये सरकार के पास लंबित है। इसमें जनवरी 2016 से पेंशनरों को ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट नहीं दिया गया है। महंगाई भत्ते का 60 महीने का एरियर बकाया है। इसके अलावा जुलाई 2023 से जुलाई 2025 तक के 16 प्रतिशत महंगाई भत्ते की पांच किस्तें भी जारी नहीं की गई हैं। इसके कारण पेंशनरों को औसतन हर महीने पांच हजार से 15 हजार रुपये प्रति माह का आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनरों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को कर्मचारी चलाते हैं, उन्हीं पूर्व कर्मचारियों की सरकार अनदेखी कर रही है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस मौके पर पेंशनरों ने सरकार पर गंभीर आरोप भी जड़े। प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।

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धर्मशाला में शहीद स्मारक से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली
मांगों को लेकर पेंशनरों ने शुक्रवार सुबह जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने शहीद स्मारक से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार पेंशनरों को अनदेखा कर रही है। पेंशनर अपने हक की खातिर बार-बार  सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही। पेंशनर सरकार से भीख नहीं मांग रहे हैं, वह केवल अपना हक मांग रहे हैं। पेंशनरों ने कहा कि यदि उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह आंदोलन को तेज करेंगे और प्रदर्शन जारी रहेगा।


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