हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में वर्ष 2024-25 के ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। शिमला, बिलासपुर और सिरमौर जिलों की पंचायतों में लाखों रुपये के अनुदान का उपयोग, अनियमित भुगतान और दस्तावेजों में खामियां पाई गई हैं। कहीं बगैर टेंडर के भारी खरीद कर दी तो कहीं अनुदान का उपयोग ही नहीं हुआ।
हिमाचल: 3 बार लगेगी डिजिटल हाजिरी, चूके तो कट सकता है वेतन, प्रधानाचार्यों को भी भेजनी होगी रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति अब दिन में तीन बार दर्ज होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वीएसके यानी स्विफ्ट चैट…








