अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना यानी यूएफओ को लेकर गोपनीयता खत्म करने के बड़े संकेत दिए हैं। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पुष्टि की कि उनका प्रशासन दशकों से छिपे रहस्यों से पर्दा हटाने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि इन खुलासों में ऐसी जानकारियां हो सकती हैं जिन्हें जानने के लिए लोग लंबे समय से उत्सुक हैं।
क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि वह आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि इस विषय में उनकी दिलचस्पी तब बढ़ी जब उन्होंने सैन्य पायलटों से सीधे बात की। ट्रंप के अनुसार, अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने कुछ बहुत ही भरोसेमंद पायलटों का इंटरव्यू लिया था। उन पायलटों ने बताया कि उन्होंने आसमान में ऐसी चीजें देखी हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ये जानकारियां सेना के उन काबिल पायलटों से मिली हैं जिन्होंने खुद इन अनजान चीजों का सामना किया है।
इस साल की शुरुआत में ट्रंप ने रक्षा विभाग को एक निर्देश जारी किया था। इसमें उन्होंने एलियंस, परग्रही जीवन और यूएफओ से जुड़ी सभी फाइलों को जारी करने का आदेश दिया था। प्रशासन इन जानकारियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। अमेरिकी सांसद टिम बर्चेट ने भी इस पारदर्शिता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पायलट कुछ ऐसा देख रहे हैं जो आज की तकनीक से बहुत आगे है। ये चीजें बहुत तेज रफ्तार से चलती हैं और एक ही जगह पर काफी देर तक रुकी रह सकती हैं।
यूएफओ फाइलों में सेना की रिपोर्ट, रडार डेटा, पायलटों के बयान और खुफिया एजेंसियों के दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। लंबे समय से इन फाइलों को बहुत गुप्त रखा गया है। इस मुद्दे का संबंध नेवादा में स्थित ‘एरिया 51’ से भी जुड़ा है, जो एक गुप्त सैन्य ठिकाना है। 1955 में बने इस ठिकाने को लेकर कई तरह की कहानियां मशहूर हैं। हालांकि, 2024 की एक पेंटागन रिपोर्ट में कहा गया था कि यूएफओ का एलियंस से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है और ये चीजें ड्रोन या गुब्बारे हो सकती हैं। लेकिन ट्रंप का मानना है कि आने वाले खुलासे इस रहस्य पर नई रोशनी डालेंगे। अब पूरी दुनिया को इंतजार है कि क्या इन फाइलों से यह पता चल पाएगा कि क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं।








