हल्द्वानी: 30 मिनट तक मलबे में दबी रही महिला मजदूर, सूचना पर भी नहीं पहुंची एंबुलेंस, तड़पती रही शांति देवी

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काठगोदाम में निर्माणाधीन हिल डिपो के नजदीक बरेली रोड किनारे बनाई जा रही दीवार का एक हिस्सा ढह गया। वहां काम कर रही एक महिला मजदूर मलबे में दब गई और आधे घंटे तक तड़पती रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को मलबे से निकाला और अस्पताल भिजवाया।

निर्माणाधीन हिल डिपो के नजदीक बरेली रोड किनारे बनाई जा रही दीवार का एक हिस्सा लापरवाही से रविवार दोपहर ढह गया। वहां काम कर रही एक महिला मजदूर मलबे में दब गई और आधे घंटे तक तड़पती रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को मलबे से निकाला और अस्पताल भिजवाया।

नरीमन तिराहे से काठगोदाम रेलवे स्टेशन तक लोनिवि सड़क चौड़ीकरण का काम करा रहा है। साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए सड़क किनारे दीवार बनाकर कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। दो दिन पहले ही काठगोदाम में हिल डिपो के नजदीक दीवार बनाई गई थी। यह दीवार मजबूती पकड़ पाती कि उससे पहले ही रविवार को लोनिवि के ठेकेदार ने दूसरी तरफ दीवार के लिए की गई खोदाई के गड्ढे में जेसीबी मशीन से मिट्टी भरना शुरू कर दिया। यह ध्यान नहीं रखा गया कि दीवार कच्ची है।

नतीजा यह हुआ कि काफी ऊंचाई तक मिट्टी का ढेर लगाने से लोड पड़ते ही करीब ढाई बजे दीवार ढह गई। मलबा सड़क की तरफ गिरा और वहां काम कर रहीं शांति देवी मलबे में दब गई। घटना से अन्य मजदूरों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया, मगर 35 मिनट बाद भी नहीं पहुंची।

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इस बीच पुलिस पहुंच गई और शांति देवी को बाहर निकालकर अपनी गाड़ी से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। एसओ दीपक बिष्ट ने बताया कि महिला के तीन बच्चे हैं। वह मूल रूप से यूपी के बहराइच की रहने वाली हैं और इस वक्त यहां गौजाजाली में रह रही हैं। महिला के हाथ-पैर और माथे पर चोट आईं। हालत खतरे से बाहर है।सरिया की वजह से रेस्क्यू में लगी देरी : मलबा में सरिया भी थे। इसलिए लोगों ने महिला को तुरंत नहीं खींचा। हाथों से ही मिट्टी और ईंटें हटाकर महिला को निकाला गया।

 

लोनिवि ने ली दीवार गिरने की जिम्मेदारी, लेकिन आगे की रणनीति तय नहीं
लोक निर्माण विभाग ने ली दीवार गिरने की जिम्मेदारी, लेकिन आगे की रणनीति तय नहीं। काठगोदाम डिपो के सामने मुख्य सड़क पर दीवार गिरने की सीधी जिम्मेदारी लोनिवि ने ली है। हादसे में मलबे में एक महिला मजदूर करीब 35 मिनट तक दबी रही। विभाग के अधिशासी अभियंता ने सीधे कहा यह हमारी जिम्मेदारी है। लेकिन आगे सुरक्षा की रणनीति उनके पास नहीं है।


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