रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोक निर्माण विभाग ने दोबारा जेसीबी और पोकलैंड के टेंडर आमंत्रित किए हैं। हालांकि अभी तक रेलवे ने जिला प्रशासन को बजट उपलब्ध नहीं कराया है।
रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण का मामला अभी हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही इस मामले में कार्यवाही आगे बढ़ेगी, लेकिन जिला प्रशासन अपनी तैयारियां पूरी करने में जुटा है। लोक निर्माण विभाग ने पहले अतिक्रमण तोड़ने के लिए 25 जेसीबी, 25 पोकलैंड के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी। जनहित याचिका दायर होते ही लोनिवि ने टेंडर निरस्त कर दिए थे। उधर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर करने वाले पर 50 हजार का जुर्माना लगा दिया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग दोबारा अतिक्रमण हटाने के लिए 25 जेसीबी और 25 पोकलैंड के टेंडर आमंत्रित कर रहा है।








