राष्ट्रीय खेल दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय का भूमि पूजन करते हुए 43.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम ने विवि के पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मौली एआई एप का अनावरण भी किया गया। सीएम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि के रूप में पहचाने जाने वाले उत्तराखंड को खेलभूमि बनाना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
23 नई आधुनिक अकादमियां बनेंगी
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार एक जनपद एक खेल योजना के माध्यम से प्रत्येक जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने पर ध्यान दे रही है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक 2036 में प्रदेश के खिलाड़ियों की दमदार मौजूदगी दर्ज कराने के लिए राज्य सरकार विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।
पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी का होगा सही उपयोग
सीएम धामी ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही उपयोग करने का खेल सही माध्यम हैं। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है। उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत आठ से 14 वर्ष आयु वर्ग और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति और खेल उपकरण दिए जा रहे हैं।
आउट ऑफ टर्न के तहत 29 को नौकरी
सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 243 खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, जिपं अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, ध्रुव रौतेला, सुरेश भट्ट, रेनू अधिकारी, हुकुम सिंह कुंवर, दीपक माहरा, कुलदीप बुटोला, मोहन पाठक, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव सीएम दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर तक रोशन हो रहा प्रदेश का नाम : भट्ट
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी बेहद डाउन टू अर्थ रहकर एक जनसेवक की तरह कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखकर संसदीय क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सीएम धामी के नेतृत्व में खेल ही नहीं, अन्य क्षेत्रों में भी खूब विकास हो रहा है। आज प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हो रहा है।
संकल्प से शिखर तक की खेल यात्रा रेखा
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की खेल यात्रा संकल्प से शिखर तक की रही है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश के किसी भी बच्चे के भीतर खेल प्रतिभा छिपी होगी तो सरकार उसके साथ खड़ी होकर उसे निखारने का कार्य करेगी। सरकार चाहती है कि प्रदेश के हर घर से एक ओलंपियन निकले। जिस तरह मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, उसी तरह से प्रदेश में हर दिन खेल दिवस मनाया जाए। इस सपने को साकार करने में सरकार हर खिलाड़ी के साथ है।
विधायक ने मांगा स्टेडियम, सीएम ने दिए निर्देश
क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि उनकी विधानसभा में प्रदेश के पहले खेल विवि की आधारशिला रखना गर्व की बात है। उन्होंने बिंदुखत्ता में सीएम घोषणा में शामिल स्टेडियम के निर्माण में वन विभाग की आपत्ति का जल्द निस्तारित कराने की मांग की। सीएम धामी ने अधिकारियों को तत्काल समस्या का संज्ञान लेकर निस्तारित करने के निर्देश दिए।








