कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र महासंघ के चुनाव में बृहस्पतिवार को सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। चुनाव के बाद एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी के यतिन पांडे को छात्र महासंघ का अध्यक्ष घोषित किया गया। एबीवीपी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बताया जबकि यतिन ने कहा कि उन्होंने निर्दलीय चुुनाव लड़ा था। इससे पहले धनबल-बाहुबल की आशंका पर चुनाव कार्यक्रम दो घंटे बाधित रहा।
चुनाव संपन्न कराने में प्रो. ललित तिवारी, प्रो. गीता तिवारी, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. महेंद्र राणा, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. मोहित रौतेला, डॉ. दीपक मेलकानी, डॉ. विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
एबीवीपी का पटका पहनाने पर हंगामा
जीत के तुरंत बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष यतिन पांडे का स्वागत किया और उन्हें एबीवीपी का स्कार्फ पहना दिया। एबीवीपी ने दावा किया कि यतिन उनके प्रत्याशी हैं। इस पर दूसरे प्रतिद्वंद्वी काला झंडा संगठन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यतिन पांडे उनके प्रत्याशी हैं और एबीवीपी जबरन जीत का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।
मैं लंबे समय से एबीवीपी का निष्ठावान कार्यकर्ता रहा हूं, लेकिन इस बार मैंने विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का चुनाव निर्दलीय लड़ा था और छात्र महासंघ का अध्यक्ष भी मैं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही जीता हूं। मेरी प्राथमिकताएं हैं कि मैं कॉलेजों में प्लेंसमेंट, रोजगारपरक पाठ्यक्रम और शिक्षकों की मानदेय को लेकर काम करूं। – यतिन पांडे, नवनिर्वाचित अध्यक्ष
एसएसपी की ई-मेल के बाद दो घंटे देरी से शुरू हुआ मतदान
कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र महासंघ के चुनाव में बृहस्पतिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी की ओर से कुलपति और डीएसडब्ल्यू को भेजी गई एक ई-मेल के बाद चुनावी प्रक्रिया को अचानक रोक दिया गया। पुलिस प्रशासन को खुफिया इनपुट मिले थे कि कुछ विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को धनबल और बाहुबल के आधार पर डराया धमकाया गया है। पुलिस ने चुनाव से पहले सभी मतदाताओं की काउंसलिंग और ब्रीफिंग कराने की हिदायत दी। चुनाव प्रक्रिया रुकने की खबर मिलते ही छात्र नेताओं ने मतदान केंद्र पर विरोध जताना शुरू कर दिया जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूर्व छात्र महासंघ के अध्यक्ष आशीष कबड़वाल ने आत्मदाह की धमकी तक दे डाली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डीएसडब्ल्यू बोर्ड और प्रॉक्टर बोर्ड की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि चुनाव स्थगित नहीं होगा और संशोधित चुनावी अधिसूचना जारी कर करीब दो घंटे की देरी से, यानी सुबह 10 बजे के बजाय 11:45 बजे मतदान शुरू कराया गया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग में सभी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे।







