हवा में जहर- ग्रेप की बंदिशें 2024 की तुलना में 1 दिन पहले की गईं लागू, दिल्ली सरकार ने उठाए सख्त कदम

Spread the love

 

 

दिल्ली-एनसीआर में पिछले साल के मुकाबले इस साल एक दिन पहले मंगलवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां लागू कर दीं गई हैं। एक्यूआई 200 के पार जाने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने यह फैसला लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और पड़ोसी राज्यों से आने वाले प्रदूषण ने दिल्ली की हवा खराब की है।

केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राजधानी के आनंद विहार समेत अन्य दूसरे इलाकों में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। पर्यावरण विशेषज्ञों का दावा है कि दीपावली के बाद हवा की हालत ज्यादा खराब हो सकती है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप दो की पाबंदियां जल्द लागू होने के आसार हैं। 2015 से लेकर 2024 तक के आंकड़े बताते हैं कि हर साल दिवाली और उससे अगले दिन प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है।

पाबंदियों में उम्रदराज वाहनों पर फिलहाल रोक नहीं
ग्रेप के पहले चरण की पाबंदियां दिल्ली एनसीआर में लागू हो गई हैं, लेकिन इनमें से उम्रदराज वाहनों पर रोक सुनिश्चित करने की मुहिम को हटा लिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से जारी आदेश में इस बाबत कुछ नहीं कहा गया है। 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को उम्र के आधार पर हटाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सीएक्यूएम ने भी उक्त निर्देश को अपने आदेश से हटा लिया है। यानी पुराने वाहन अभी भी चलते रहेंगे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

और पढ़े  दिल्ली- बड़ी वारदात: प्रधानमंत्री आवास के पास व्यापारी के घर नौकर ने की लूटपाट, ले गया 32 लाख के जेवर

सीएक्यूएम ने ग्रीन पटाखों के निर्देश की भाषा बदली
कमोबेश यही स्थिति पटाखों पर प्रतिबंध के क्रियान्वयन को लेकर है। ग्रेप के पहले चरण की कार्ययोजना में 19 नंबर बिंदु पटाखों पर प्रतिबंध को सख्ती से क्रियान्वित कराने से जुड़ा है। पटाखों पर लागू प्रतिबंध के खिलाफ भी दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में जा चुकी है, तो सीएक्यूएम ने इस आशय के निर्देश की भाषा भी बदल दी है। आदेश में कहा गया है कि पटाखों को लेकर कोर्ट और ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रतिबंध शब्द हटा लिया गया है।

ग्रीन पटाखों से 35% तक कम प्रदूषण
वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) व राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) के विज्ञानियों के अनुसार ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों से बेहतर हैं क्योंकि इनका कैमिकल फार्मूला ऐसा है जिससे पानी की बूंदें निकलती हैं। इससे प्रदूषण कम होता है इनमें प्रदूषण 30 से 35 प्रतिशत तक कम होता है।

दिल्ली सरकार ने उठाए सख्त कदम

  • प्रदूषण पर जोरदार प्रहार नामक 25-सूत्री एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान-2025 लॉन्च किया, जो प्रदूषण के सात प्रमुख स्रोतों पर केंद्रित है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई सख्त कदम उठाए हैं।
  • वाहन उत्सर्जन नियंत्रण के लिए एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों पर ईंधन आपूर्ति रोकने, नवंबर 2025 से बीएस, सीएनजी और ईवी वाहनों को शहर में प्रवेश की योजना बनाई।
  • कचरा प्रबंधन के लिए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स की क्षमता बढ़ाकर ओखला में 2950 टीपीडी और नरेला-बावाना में नई 3000 टीपीडी प्लांट स्थापित करने की योजना।
  • हरितीकरण के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से 70 लाख पौधे लगाने और क्लाउड सीडिंग पायलट प्रोजेक्ट आईआईटी कानपुर के साथ शुरू किया।
  • निर्माण धूल नियंत्रण हेतु 500 वर्ग मीटर से बड़े साइटों का डीपीसीसी पंजीकरण अनिवार्य, हाई-राइज पर एंटी-स्मॉग गन्स लगाने का प्रावधान।
  • निगरानी मजबूत करने के लिए एआई-सक्षम डीपीसीसी पोर्टल से ऑटोमेटिक चालान और 6 नई एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया।
  • जनभागीदारी बढ़ाने के लिए ‘एनवायरनमेंट दूत’ कार्यक्रम और आरडब्लूए को बायोमास जलाने रोकने हेतु इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने का उपाय अपनाया।
  • रोड डस्ट कंट्रोल के लिए 200 मैकेनिकल रोड स्वीपर, 70 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर तथा 38 टैंकर रात में तैनात करने की व्यवस्था की।
  • औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए पीएनजी गैस अनिवार्यकरण और बायो-गैस तथा बायो-सीएनजी प्लांट्स (100 टीपीडी बायो-गैस, 300 टीपीडी बायो-सीएनजी) विकसित करने की योजना।
  • 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर मिस्ट स्प्रेयर तैनात करने और रीयल-टाइम सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडीज करवाने की योजना बनाई।
और पढ़े  PM मोदी कुछ ही देर में राष्ट्र को संबोधित करेंगे, महिला आरक्षण समेत कई मुद्दों पर होगी बात

Spread the love
  • Related Posts

    नेशनल हेराल्ड केस- आज दिल्ली HC में सुनवाई, सोनिया-राहुल को ट्रायल कोर्ट से राहत के खिलाफ ED की अपील

    Spread the love

    Spread the love   नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। यह याचिका ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें…


    Spread the love

    2026: आज जेईई मेन के नतीजे, एडवांस की परीक्षा 17 मई को होगी

    Spread the love

    Spread the loveइंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेन-2026 के नतीजे सोमवार को जारी होने की संभावना है। जेईई मेन की जनवरी और अप्रैल सत्र की परीक्षा के आधार…


    Spread the love